संगकारा के बयान पर बोर्ड से जवाब तलब

श्रीलंकाई टीम(फ़ाईल फ़ोटो)
Image caption संगकारा ने श्रीलंकाई बोर्ड पर बहुत गंभीर आरोप लगाए हैं.

श्रीलंका के खेल मंत्री ने श्रीलंकाई क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कुमार संगकारा के बयान पर क्रिकेट बोर्ड से जवाब मांगा है.

संगकारा ने सोमवार को लंदन में ‘स्पिरिट ऑफ़ क्रिकेट लेक्चर’ देते हुए श्रीलंकाई क्रिकेट में कथित भ्रष्टाचार के लिए श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड (एसएलसी) की जमकर फटकार लगाई थी.

खेल मंत्रालय के प्रवक्ता हर्षा अबयकून ने मंगलवार देर रात एक बयान जारी कर कहा कि खेल मंत्री महिंदानंदा अलुथगामागे ने श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड के अंतरिम चेयरमैन को निर्देश दिया है कि वो संगकारा के भाषण पर अपनी टिप्पणी दें.

मंत्रालय की तरफ़ से जारी बयान में कहा गया है, ''संगकारा ने श्रीलंका में खेल प्रशासन की आलोचना की है जो कि खेल संबंधित क़ानून के अंतर्गत आता है, इसलिए खेल मंत्री ने इस संबंध में एक रिपोर्ट मांगी है.''

खेल मंत्री ने कहा कि संगकारा बिना इजाज़त के बेग़ैर देश के क्रिकेट प्रशासन के बारे में बोल रहे थे. अलुथगामागे का कहना था, ''उन्हें इजाज़त लेनी होगी. वो इसके बेग़ैर क्रिकेट प्रशासन या क्रिकेट के बारे में इस तरह से नहीं बोल सकते हैं.''

'भ्रष्टाचार'

अपने भाषण में संगकारा ने श्रीलंकाई क्रिकेट में मौजूद कथित भ्रष्टाचार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया था.

संगकारा ने कहा था कि भ्रष्टाचार को जल्द से जल्द दूर करना होगा.

इस मौक़े पर उन्होंने 30 वर्ष के गृहयुद्ध के बाद भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए खेल की भूमिका की अहमियत पर भी बल दिया.

संगकारा ने कहा कि 1996 विश्व कप जीत ने श्रीलंका को एकजुट किया और उनके अनुसार उस ऐतिहासिक जीत ने एसएलसी के परिदृश्य में बदलाव कर दिया था.

उन्होंने कहा कि बोर्ड में बदलाव हुआ और यह ईमानदार व्यक्तियों के ज़रिए चलाई जा रही स्वयंसेवकों की अगुआई वाली संस्था से लाखों डॉलर की संस्था में बदल गई.

संगकारा के अनुसार इसके बाद से ही बोर्ड मुश्किलों में घिरा हुआ है.

संगकारा ने जयसूर्या का नाम नहीं लिया लेकिन अपनी नाराज़गी जताते हुए कहा कि कैसे देश के इस मौजूदा सांसद को इंग्लैंड के मौजूदा दौरे में एकमात्र ट्वेंटी-20 और पहले एकदिवसीय मैच के लिए टीम में शामिल किया गया.

ग़ौरतलब है कि 41 साल की उम्र में जयसूर्या को इंग्लैंड दौरे के लिए टीम में शामिल किया गया था, जबकि वो पिछले दो साल से टीम से बाहर हैं.

श्रीलंकाई खेल मंत्रालय ने पिछले हफ़्ते बोर्ड के अंतरिम कमेटी को वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में भंग कर दिया था.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल ने भी पिछले सप्ताह हांग कांग में हुए अपनी वार्षिक बैठक में बिना किसी का नाम लिए हुए कहा था कि हर देश के क्रिकेट बोर्ड को सुनिश्चित करना होगा कि वहां एक प्रजातांत्रिक संविधान हो और उसका सही तरीक़े से संचालन हो.

इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए आईसीसी ने सभी सदस्य देशों को दो साल का समय निर्धारित किया है.

संबंधित समाचार