बर्ख़ास्त कोच ने कहा, जान को ख़तरा है

  • 6 जुलाई 2011
Image caption अभी स्पष्ट नहीं हुआ है कि खिलाड़ियों के शरीर में स्टेरॉयड किस तरह आया

भारतीय एथलीटों के बर्ख़ास्त कोच यूरी ओगरोदनिक ने अपनी जान को ख़तरा होने की आशंका जताई है.

उन्होने कहा है कि पिछले दिनों एथलीटों के डोप टेस्ट में फ़ेल होने में उनकी कोई भूमिका नहीं थी.

पिछले दिनों एक के बाद एक आठ एथलीटों के डोप टेस्ट में फ़ेल होने के लिए उन्हे टीम से निकाल दिया गया था.

यूक्रेन के रहने वाले यूरी को खेल मंत्री अजय माकन ने मंगलवार को इस कांड में उनकी कथित भूमिका के लिए बर्ख़ास्त कर दिया.

मंत्री का कहना था कि बहुत से कम पढ़े लिखे खिलाड़ियों को इस बात का ज्ञान नहीं होता कि वो कौन सा पदार्थ इस्तेमाल कर सकते हैं और कौन सा नहीं.

इसलिए सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी खिलाड़ियों के कोच और साथ रह रहे अधिकारियों की बनती है.

'भारत में नही मरना चाहता'

यूरी ने कहा कि वो जल्दी से जल्दी भारत छोड़कर जाना चाहते हैं. उन्होने दावा किया कि उनकी छवि बिगाड़ने की साज़िश की गई है.

उन्होने कहा, "मैं घर जाना चाहता हूं. अगर मैं यहां रहा तो मर जाऊंगा. मैं भारत में नहीं मरना चाहता. मैं अपने देश में मरना चाहता हूं.

"मैंने हमेशा भारत में बहुत सी परेशानियां झेली हैं. मैं ठीक से न खा पी रहा हूं और न ही सो पा रहा हूं".

उन्होने कहा कि उन्हे विश्वास ही नहीं होता कि सभी एथलीटों के टेस्ट में एक ही शक्तिवर्द्धक दवा निकलीं.

ओगरोदनिक ने कहा, "मुझ पर इसका दोष नहीं मढ़ा जा सकता. खिलाड़ियों ने केवल भोजन सप्लिमैंट लिए हैं. ये हो सकता है कि उनमें मिलावट हो."

उनका कहना था, "इससे पहले भी हमने कितने ही डोप टेस्ट किए हैं. राष्ट्रमंडल खेलों से पहले उनके दौरान और उनके बाद और एशियन गेम्स के बाद. लेकिन ऐसी समस्या कभी नहीं देखी".

स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया ने इस साल मई में छह कोच नियुक्त किए थे जिनमें यूरी ओगोरदोनिक सहित चार यूक्रेन के और दो-दो रूस और उज़्बेकिस्तान के थे.

लेकिन ओगरोदनिक ने कहा कि वो स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया के किसी अधिकारी से नहीं मिलेंगे और दो तीन दिन में स्वदेश लौट जाएंगे.

"मैं सीधे घर जा रहा हूं. मैं किसी तरह की औपचारिकता पूरी नहीं करूंगा न ही किसी से मिलूंगा. भारत का अनुभव बहुत ही बुरा रहा".

डोप टेस्ट में फ़ेल

Image caption खिलाड़ियों का कहना है कि उन्हें प्रतिबंधित दवाओं के बारे में पता नहीं था

पिछले दिनों एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली अश्विनी अकुंजी और एक अन्य एथलीट प्रियंका पंवार भी डोप टेस्ट में पॉज़िटिव पाई गई थीं.

अश्विनी अकुंजी उसी 4 गुना 400 मीटर रिले टीम का हिस्सा है जिसके दो सदस्य पहले ही डोप टेस्ट में पॉजीटिव पाए जा चुके हैं.

अश्विनी और प्रियंका को 'एनाबॉलिक स्टेरॉयड' के इस्तेमाल का दोषी पाया गया है.

ये दोनों एथलीट एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हिस्सा लेने जापान जा रही टीम का हिस्सा थीं लेकिन अब उन्हें टीम से हटा लिया गया है.

पिछले कुछ दिनों में भारत के आठ एथलीट डोप टेस्ट में फ़ेल हुए हैं.

इन सभी खिलाड़ियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.

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