रिकॉर्ड पर नहीं खेल पर ध्यान सचिन का

पत्नी अंजलि के साथ सचिन तेंदुलकर इमेज कॉपीरइट AP

इंग्लैंड दौरे के लिए लंदन में मौजूद मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर भले ही सौवें अंतरराष्ट्रीय शतक से सिर्फ़ एक शतक दूर होंगे मगर उनका कहना है कि वह रिकॉर्ड्स के बारे में नहीं सोच रहे हैं.

अब तक टेस्ट में 51 और वनडे में 48 शतक लगा चुके सचिन तेंदुलकर इंग्लैंड के विरुद्ध इस दौरे का पहला टेस्ट लॉर्ड्स के मैदान पर खेलेंगे.

लॉर्ड्स को 'क्रिकेट का मक्का' भी कहा जाता है और वहाँ पर सचिन अगर 100वाँ शतक लगाने में सफल होते हैं तो ये एक सपने की तरह होगा.

लंदन के 'डेली टेलीग्राफ़' को दिए एक इंटरव्यू में सचिन ने कहा, "मैं रिकॉर्ड्स के बारे में नहीं सोच रहा हूँ. मैं तो सिर्फ़ इस दौरे का आनंद लेना चाहता हूँ."

सचिन का कहना है कि वह व्यक्तिगत उपलब्धियों और रिकॉर्ड्स के बारे में नहीं सोचना चाहते क्योंकि वह जो भी रिकॉर्ड बनाते हैं उसे कोई और तोड़ सकता है.

उनके मुताबिक़, "सिर्फ़ रिकॉर्ड के पीछे भागते हुए आप अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकते. मैं ये सोचता हूँ कि खेल का आनंद अधिक से अधिक कैसे लिया जाए."

सचिन ने इससे पहले लॉर्ड्स पर चार टेस्ट खेले हैं मगर उनमें उनका उच्चतम स्कोर 37 रहा है.

स्ट्रॉस की मंशा

वैसे इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस सचिन का 100वाँ टेस्ट शतक इतनी जल्दी पूरा होने देना नहीं चाहते.

स्ट्रॉस कहते हैं, "जितने समय तक हम सचिन को 99 पर रोक सकें उतना अच्छा है. हमें मालूम है कि सचिन कितने अच्छे खिलाड़ी हैं."

वैसे सचिन ने 100वें अंतरराष्ट्रीय शतक से बेहतर उपलब्धि इस साल की शुरुआत में हासिल की थी जबकि वह विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का अहम हिस्सा बने.

उसके बारे में सचिन का कहना था, "मैंने क्रिकेट को गंभीरता से लेना शुरू किया जब 1983 में भारत ने क्रिकेट विश्व कप जीता. उसके बाद ही मैंने क्रिकेट पर अपना पूरा ध्यान लगाया."

आँकड़ों का हिसाब किताब रखने वालों के लिए सचिन के आँकड़े काफ़ी प्रभावशाली हैं मगर ख़ुद उनके लिए सिर्फ़ रिकॉर्ड बनाना और तोड़ना ही सब कुछ नहीं है.

सचिन कहते हैं, "मैं रिकॉर्ड बनाऊँगा मगर उन्हें कोई और तोड़ देगा. ये रिकॉर्ड हमेशा के लिए नहीं रहने वाले हैं. मगर मैं लोगों पर जो अपनी छाप छोड़ूँगा वो हमेशा रहेगी."

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