ट्रेंट ब्रिज पहुँची सिरीज़ की लड़ाई

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ट्रेंट ब्रिज में शुक्रवार से शुरू हो रहे दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड की कोशिश जहाँ पिछली जीत को आगे बढ़ाते हुए एक और जीत दर्ज करने की होगी तो वहीं भारत सिरीज़ में वापसी करने को बेताब है.

भारत को लॉर्ड्स टेस्ट में 196 रनों से हार का सामना करना पड़ा था और वह चार टेस्टों की सिरीज़ में 1-0 से पीछे है.

इस टेस्ट से पहले भारत को एक बड़ा झटका लगा जबकि चोट की वजह से उसके स्ट्राइक गेंदबाज़ ज़हीर ख़ान को टीम से बाहर होना पड़ा है. वहीं इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ क्रिस ट्रेमलेट की फ़िटनेस को लेकर भी संदेह बना हुआ है.

बात यहीं तक रहती तो भी ठीक था मगर पहले ही मुख्य सलामी बल्लेबाज़ वीरेंदर सहवाग के टीम में नहीं होने की वजह से परेशान भारतीय टीम के सामने अब गौतम गंभीर की चोट की समस्या भी आ खड़ी हुई है.

ज़हीर और गंभीर

उन्हें लॉर्ड्स टेस्ट में फ़ील्डिंग करते समय कुहनी में चोट लग गई थी और उनके खेलने पर अंतिम फ़ैसला मैच से पहले ही होगा.

ज़हीर लॉर्ड्स टेस्ट में सिर्फ़ पहले ही दिन कुछ ओवर डाल पाए थे. उनके बाहर होने के बाद अब भारत को एस श्रीसंत और मुनाफ़ पटेल में से किसी एक को तीसरे तेज़ गेंदबाज़ के तौर पर गेंद देनी होगी. वैसे भारतीय टीम को उम्मीद है कि ज़हीर तीसरे टेस्ट के लिए फ़िट हो जाएँगे.

भारतीय कप्तान धोनी ने माना कि उनकी कमी खलेगी, "ज़हीर का टीम में होना हमेशा ही अच्छा होता है क्योंकि वह हमारे सबसे अनुभवी गेंदबाज़ हैं और अगर इंग्लैंड की बात करें तो उन्होंने तो यहाँ काउंटी क्रिकेट भी खेला है. अंतिम 11 खिलाड़ियों में उनका नहीं होना अफ़सोस की बात है. मगर ये हमारे नियंत्रण से बाहर है."

ट्रेमलेट की फ़िटनेस

उधर इंग्लैंड के क्रिस ट्रेमलेट ने गुरुवार को अभ्यास तो किया था मगर उन्हें भी हैमस्ट्रिंग चोट की परेशानी है. इंग्लैंड के कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस ने बताया, "हमें भरोसा है कि वह फ़िट हो जाएँगे मगर चूँकि मैच शुरू होने में कम ही समय बचा है इसलिए हमें मैच से ठीक पहले ही पता चलेगा कि क्या होगा."

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Image caption तेंदुलकर के 100वें अंतरराष्ट्रीय शतक का इंतज़ार है

अगर ट्रेमलेट नहीं खेलते हैं तो ऑल राउंडर टिम ब्रेसनेन को जगह मिल सकती है.

इंग्लैंड के कप्तान पहले टेस्ट में मिली जीत के बाद उत्साहित तो हैं मगर वह किसी भी तरह भारतीय टीम को हल्के में नहीं ले रहे हैं.

उनका कहना था कि भारतीय टीम इन परिस्थितियों में बेहतरीन ढंग से वापसी के लिए जानी जाती है.

इधर भारतीय खेल प्रेमियों को अब भी सचिन तेंदुलकर के 100वें अंतरराष्ट्रीय शतक का इंतज़ार है. लॉर्ड्स से पहले इस बात की काफ़ी चर्चा थी कि वह वहाँ शतक लगा पाते हैं या नहीं मगर तेंदुलकर वहाँ अर्द्धशतक तक नहीं जमा पाए थे.

इस बीच ट्रेंट ब्रिज में होने वाले मैच से पहले पिछली सिरीज़ का आँकड़ा भारत को ज़रूर कुछ सांत्वना देगा कि उसने 2007 में ट्रेंट ब्रिज में मैच जीता था.

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