'वेस्ट इंडीज़ के बाद अंतराल नहीं मिला'

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इंग्लैंड के हाथों टेस्ट सिरीज़ में लगातार दूसरी हार के बाद भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा है ये दौरा वेस्ट इंडीज़ दौरे के बाद ही शुरु हो गया और टीम को बीच में कोई अंतराल नहीं मिला.

धोनी ने नॉटिंघम टेस्ट हारने के बाद कहा कि ये चिंता की बात है कि इंग्लैंड के ख़िलाफ़ भारत 300 रन भी नहीं बना पाया है.

भारतीय कप्तान ने इयन बेल को आउट करार दिए जाने के बाद उन्हें वापस बुलाने पर सहमत होने का बचाव किया.

उन्होंने कहा, “ड्रेसिंग रूम में बेल के रन आउट को लेकर कोई भी अच्छा महसूस नहीं कर रहा था. अंतत यही बात मायने रखती है- न नियम और न ही खेल भावना. आप चाहते हैं कि जब ड्रेसिंग रूम में वापस जाएँ तो अच्छी भावना के साथ जाएँ. वेस्ट इंडीज़ में लक्ष्मण के साथ कुछ ऐसा ही हुआ था, हम नहीं चाहते थे कि हम किसी बदले की भावना से खेलें.”

'धोनी ने मिसाल कायम की'

भारतीय प्रदर्शन पर धोनी ने कहा कि बल्लेबाज़ अंत तक नहीं टिक पाए. ज़हीर खान पर उनका कहना था कि वे अभ्यास कर रहे हैं लेकिन कितने फ़िट हैं कहना मुश्किल है.

धोनी ने अपनी ख़राब फॉर्म पर भी टिप्पणी की और कहा कि ये चिंता का विषय है क्योंकि कप्तान होने के नाते अच्छा प्रदर्शन करना ज़रूरी है.

भारत टेस्ट सिरीज़ में इंग्लैंड में 2-0 से पीछे है और उसका नंबर वन ख़िताब भी ख़तरे में है. हालांकि धोनी का मानना है कि अगर ख़ुद में और टीम में भरोसा हो तो स्थिति को बदला जा सकता है.

वहीं नॉटिंगघम मैच के बाद इंग्लैंड के कप्तान एंड्रूय स्ट्रॉस काफ़ी ख़ुश नज़र आए और ब्रॉड, स्वान, इयन बेल और ब्रेसनेन के अच्छे प्रदर्शन को सराहा.

स्ट्रॉस ने अपनी खिलाड़ियों की ही नहीं बल्कि भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की भी तारीफ़ की.

आउट करार दिए जाने के बावजूद इयन बेल को बल्लेबाज़ी के लिए वापस बुलाने पर स्ट्रॉस ने कहा, “ये सराहनीय और सही फ़ैसला था. लेकिन बतौर कप्तान ऐसे फ़ैसले लेना आसान नहीं होता. अगर भविष्य में भी ऐसी स्थिति आती है तो धोनी ने मेरे और अन्य कप्तानों के सामने एक मिसाल पेश कर दी है.”

नॉटिंघम टेस्ट में इंग्लैंड ने भारत को 319 रनों से हराया है.

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