टीम के बचाव में उतरे फ़्लेचर

डंकन फ़्लेचर इमेज कॉपीरइट PA

भारतीय क्रिकेट टीम के कोच डंकन फ़्लेचर ने तीसरे टेस्ट की पहली पारी में भारतीय बल्लेबाज़ों के प्रदर्शन का बचाव किया है.

बुधवार को शुरू हुए तीसरे टेस्ट की पहली पारी में भारतीय टीम 224 रन बनाकर आउट हो गई थी.

भारतीय टीम का बचाव करते हुए डंकन फ़्लेचर ने कहा, “हमारे खिलाड़ियों को स्विंग करती गेंदें खेलने में दिक्कत आ रही है. उन्होंने अभ्यास किया है लेकिन इसके अलावा वो कर ही क्या सकते हैं. ”

इंग्लैंड के पिचों के बारे में फ़्लेचर ने कहा, “मैंने तीन टेस्ट मैचों के लिए लगातार तीन ऐसी पिचें नहीं देखी हैं जो इतना अधिक स्विंग करती हों.”

लेकिन इंग्लैंड के टिम ब्रेस्नन के मुताबिक पिच उतना कुछ ख़ास नहीं कर रही.

ब्रेस्नन स्टुअर्ट ब्रोड ने चार-चार भारतीय बल्लेबाज़ों को पैवेलियन की राह दिखाई.

भारत एक समय महज़ 111 रनों पर सात विकेट खो चुका था लेकिन कप्तान धोनी की 77 रनों की धुआंधार पारी ने टीम को एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया.

डंकन से असहमत ब्रेस्नन

डंकन फ़्लेचर ने कहा कि इस टेस्ट मैच में टॉस हारना दुर्भाग्यशाली रहा.

उन्होंने कहा, “ये बहुत मुश्किल था. दुर्भाग्य से टॉस बहुत ही अहम था. इंग्लैंड ने भोजन काल से थोड़ी देर पहले जो विकेट झटके, उनसे हमारी टीम बैकफ़ुट पर आ गई. बल्लेबाज़ इस परिस्थितियों में ख़ुद को ढाल नहीं पा रहे हैं. ”

लेकिन टिम ब्रेस्नन ने पिच या परिस्थितियों के बजाय इंग्लैंड के गेंदबाज़ों के हुनर और मेहनत को उनकी कामयाबी का कारण बताया.

...तो घर जाइए

ब्रेस्नन ने कहा, “ पिच ने कुछ ख़ास नहीं किया. ये पिच बैटिंग के लिए बढ़िया है. तो हो सकता है कि हम बढ़िया बल्लेबाज़ी कर लीड हासिल कर लेंगे. हमें तो उम्मीद थी कि ये पिच थोड़ी और तेज़ होगी और साथ ही इसपर गेंद और अधिक स्विंग होगी. यहां गेंद स्विंग तो हुई लेकिन ट्रेंट ब्रिज जैसी नहीं. ”

उधर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन को भारतीय टीम में प्रतिबद्धता की कमी नज़र आई.

बीबीसी के टेस्ट मैच स्पेशल कार्यक्रम में कमेंटरी करते हुए वॉन ने भारतीय टीम पर तीख़ा प्रहार किया.

माइकल वॉन ने कहा, “बेहतर होगा कि भारतीय फ़ील्डर अपने हाथ जेब से बाहर निकालें...यहां इतनी ठंड तो नहीं. उन्हें खेल में कुछ दिलचस्पी दिखानी चाहिए. अगर आपको नहीं खेलना है तो घर जाइए. ”

संबंधित समाचार