भारत ने नंबर वन की रैंकिंग गँवाई

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Image caption धोनी की टीम की ये अब तक की सबसे बुरी हार है

इंग्लैंड के हाथों तीसरे टेस्ट में एक पारी और 242 रनों की करारी हार के बाद भारत ने टेस्ट टीम में नंबर वन की हैसियत खो दी है.

इसके साथ ही आईसीसी टेस्ट रैंकिंग शुरु होने के बाद 32 वर्षों में इंग्लैंड पहली बार टेस्ट रैंकिंग में पहले नंबर पर पहुँचा है.

लगभग 20 महीनों तक नंबर वन की रैंकिंग वाली महेंद्र सिंह धोनी की टीम एजबेस्टन टेस्ट में अपनी दूसरी पारी में भी 242 रनों पर धराशाई हो गई. जबकि खेल का एक दिन अभी बाक़ी ही था.

इसके साथ ही चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला में भारत 3-0 से पिछड़ गया है.

टेस्ट मैच का स्कोर कार्ड देखिए

हाल में किसी अन्य देश में ये भारत की सबसे बुरी हार है.

वैसे भारत को सबसे ख़राब हार का सामना वर्ष 1958 में करना पड़ा था जब कोलकाता में वेस्टइंडीज़ ने उसे एक पारी और 336 रनों से हराया था.

अभी कुछ ही दिन पहले भारत वनडे रैंकिंग में भी नीचे खिसककर तीसरे नंबर पर आ गया था.

लड़खड़ाती पारी

पहली पारी में भी भारत का प्रदर्शन बहुत बुरा रहा था और पूरी टीम सिर्फ़ 224 रन बनाकर आउट हो गई थी.

इसके बाद इंग्लैंड ने सिर्फ़ सात विकेट गँवाकर 710 रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया था. इससे उसे पहली पारी में 486 रनों की विशाल बढ़त मिल गई थी.

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Image caption कुक ने अकेले ही पूरी भारतीय टीम से ज़्यादा रन जोड़े

भारत की पूरी टीम से ज़्यादा रन तो कुक ने बनाए जो 294 रन बनाकर पेवेलियन लौटे.

इस लक्ष्य का पीछा करने के लिए भारतीय टीम के पास दो दिनों से अधिक का समय था लेकिन सलामी बल्लेबाज़ के रुप में आए वीरेंद्र सहवाग लगातार दूसरी पारी में शून्य पर आउट होकर भारतीय पारी की ख़राब शुरुआत कर दी थी.

तीसरे दिन का खेल ख़त्म होने तक गंभीर 14 और राहुल द्रविड़ 18 रनों पर खेल रहे थे. चौथे दिन दोनों ही बल्लेबाज़ अपने खाते में एक रन भी नहीं जोड़ सके.

इसके बाद तो पूरी टीम ताश के पत्तों की तरह धराशाई हो गई.

कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने पहली पारी में 77 रनों की पारी खेलकर स्कोर को कुछ संभाला था और दूसरी पारी में भी उन्होंने 74 रन जुटाए और नाबाद रहे.

इसके अलावा प्रवीण कुमार और सचिन तेंदुलकर ने 40-40 रन बनाए. सचिन तेंदुलकर रन आउट हो गए.

बाक़ी के खिलाड़ियों का प्रदर्शन बहुत ही बुरा रहा.

भोथरी गेंदबाज़ी

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Image caption भारतीय गेंदबाज़ी में कोई धार दिखाई नहीं दी

इंग्लैंड की ओर से एंडरसन सबसे सफल गेंदबाज़ रहे जिन्होंने दूसरी पारी में 85 रन देकर चार विकेट लिए. ब्रॉड और स्वान ने दो-दो और ब्रेसनन ने एक विकेट लिया.

पहली पारी में ब्रेसनन और ब्रॉड ने चार-चार विकेट लिए थे.

जबकि भारत गेंदबाज़ पहले दो टेस्ट मैचों की तरह तीसरे टेस्ट मैच में कोई करिश्मा दिखाने में विफल रहे.

अमित मिश्रा ने तीन विकेट ज़रुर लिए लेकिन इसके लिए उन्होंने 150 रन खर्च किए.

इशांत शर्मा की गेंदबाज़ी में कोई धार नहीं दिखी और वे 159 रन खर्च करके सिर्फ़ एक विकेट ले सके.

प्रवीण कुमार ने ज़रुर 98 रन देकर दो विकेट लिए. रैना ने 83 रन देकर एक विकेट लिया.

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