विश्व एथलेटिक्स में भारतीय चुनौती

  • 26 अगस्त 2011
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Image caption भारतीय रिले टीम दाएगू नहीं जा रही है

दक्षिण कोरिया के दाएगू में 27 अगस्त से शुरू हो रही विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में आठ सदस्यीय भारतीय टीम भाग ले रही है.

कुल 14 एथलीटों ने इस प्रतियोगिता के लिए क्वालिफ़ाई किया था, लेकिन अलग-अलग कारणों से बाक़ी छह धावकों को वहाँ नहीं भेजा जा रहा है.

400 मीटर में भाग लेने वाली महिला टीम के छह सदस्य प्रतिबंधित दवाओं के सेवन के दोषी पाए जाने के बाद इस समय निलंबित चल रहे हैं, इसलिए महिला रिले टीम को दाएगू जाने के लिए नहीं चुना गया है.

एसी अश्विनी के साथ भी ऐसा ही हुआ है. वे 400 मीटर बाधा दौड़ के लिए क्वालिफ़ाई तो कर गईं थीं लेकिन वह भी डोपिंग में पकड़ी गईं हैं.

5000 और 10000 मीटर दौड़ में भारत की चोटी की धाविकाएं प्रीजा श्रीधरन और कविता राउत अच्छी फॉर्म में नहीं चल रही हैं इसलिए उनको विश्व प्रतियोगिता के लिए नहीं चुना गया है.

क्वालिफ़ाई

हाल की एशियाई प्रतियोगिता में काँस्य पदक जीतने वाली प्रीजा ने वहाँ 33 मिनट 15.55 का समय निकाला था जो कि विश्व में 124वाँ सर्वश्रेष्ठ समय है.

राष्ट्रमंडल खेलों में चक्का फेंक में स्वर्ण पदक जीतने वाली कृष्णा पूनिया दक्षिण कोरिया जाने के लिए क्वालिफ़ाई तो कर गईं थी लेकिन वह वहाँ चोट से उबर न पाने के कारण खुद ही नहीं जा रही हैं.

सबसे बाद में क्वालिफ़ाई करने वालों में मयूखा जॉनी और ओम प्रकाश सिंह हैं.

मयूखा लंबी कूद में 6.56 मीटर की छलाँग लगा कर एशियाई चैंपियन बनी थीं और तिकड़ी कूद में भी उन्होंने 14.11 मीटर की छलाँग लगा कर इस प्रतियोगिता के लिए क्वालिफ़ाई किया है. वह पहली भारतीय हैं जिन्होंने 14 मीटर के लक्ष्य को पार किया है.

ओम प्रकाश सिंह ने पिछले महीने हंगरी की प्रतियोगिता में 20.04 मीटर गोला फेंक कर इस प्रतियोगिता के लिए क्वालिफ़ाई किया है.6 फ़ीट सात इंच लंबे ओम प्रकाश पहले बास्केटबॉल खेला करते थे.

रंजीत माहेश्वरी ट्रिपल जंप में भाग लेने के लिए चुने गए है. उनका 17.07 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड है लेकिन हाल की उनकी फ़ार्म अच्छी नहीं चल रही है. इस सीज़न का उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 16.09 मीटर है जिसकी कि दुनिया में रैंकिंग 150वीं है.

प्रदर्शन

डिस्कस थ्रो में भाग लेने के लिए विकास गाउडा को चुना गया है. उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 64.96 मीटर है जो उन्होंने 2007 में हासिल किया था. वह राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई प्रतियोगिता में रजत पदक जीत चुके हैं.

20 किलोमीटर पैदल प्रतियोगिता में गुरमीत सिंह और बाबू भाई पनोचा को चुना गया है.

सबसे ज़्यादा उम्मीदें महिलाओं की 800 मीटर प्रतियोगिता में पीटी ऊषा की शिष्या टिंटू लूका से हैं. वे शाइनी विल्सन का 15 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ चुकी हैं. उनका सर्वश्रेष्ठ समय एक मिनट 59.17 सेकेंड है और वह हाल में दो यूरोपीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं.

यह देखा जाना है कि वह विश्व स्तर पर वह कैसा प्रदर्शन करती हैं.

महिलाओं के डिस्कस थ्रो में हरवंत कौर को चुना गया है. उनका व्यक्तिगत रिकॉर्ड 63.05 मीटर का है. एशियाई स्तर पर तो इस प्रदर्शन से कुछ उम्मीदें की जा सकती हैं लेकिन दक्षिण कोरिया में फ़ाइनल तक में पहुँचने के लिए उन्हें इससे कहीं बेहतर प्रदर्शन करना होगा.

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