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चोरी नहीं कर रहे तो खेल विधेयक का समर्थन करें: कपिल देव

  • 30 अगस्त 2011

भारत के खेल मंत्रालय ने एक नोट तैयार किया है जिसमें क्रिकेट और अन्य खेलों के प्रबंधन को लेकर व्यापक योजना है जिस पर कैबिनेट विचार करने वाली है.

अगर कैबिनेट खेल मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित इस नोट को मंज़ूरी दे देती है तो इसे नए खेल विधेयक के रुप में संसद में पेश किया जा सकता है.

इस नोट में बीसीसीआई को आरटीआई के दायरे में रखने की बात कही गई है.

हालांकि बीसीसीआई के कई शीर्ष अधिकारियों ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताई है.

बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला और सदस्य अनुराग ठाकुर ने इससे नए क़दम से असहमति जताई है.

जबकि कई पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तानों ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दिखाते हुए कहा है कि ये क़दम अनुचित है.

कपिल देव, सांसद मोहम्मद अज़हरुद्दीन, अजय जाडेजा और पूर्व कोच अंशुमन गाएकवाड़ का मत है कि बीसीसीआई को एक राष्ट्रीय खेल संस्था के अंतर्गत लाने में कोई हर्ज़ नहीं है. बीबीसी संवाददाता नितिन श्रीवास्तव ने इसी मुद्दे पर बात की पूर्व भारतीय कोच और कप्तान कपिल देव से और उनकी राय ली.