'सीनियर्स ख़ुद रिटायर हो जाएंगे'

  • 22 सितंबर 2011
गांगुली
Image caption सचिन, द्रविड़ और लक्ष्मण तीनों गांगुली की कप्तानी में खेल चुके हैं.

भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली ने कहा है कि भारतीय टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों पर संन्यास थोपा नहीं जाना चाहिए.

सौरव गांगुली का मानना है कि सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसे खिलाड़ियों को ख़ुद ही ये फ़ैसला करने देना चाहिए कि उन्हें संन्यास कब लेना है.

भारत के सबसे सफल क्रिकेट कप्तानों में से एक सौरव गांगुली ने इस ओर भी इशारा किया कि चयनकर्ताओं को टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों पर संन्यास के लिए दबाव नहीं बनाना चाहिए.

उन्होंने कहा, "जिस दिन इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन नीचे गिर जाएगा, ये ख़ुद ब ख़ुद खेलना छोड़ देंगे."

सौरव गांगुली ने यह बात एक समारोह के दौरान कही जिसमे पूर्व कप्तान कपिल देव और पूर्व क्रिकेटर मदन लाल भी भाग ले रहे थे.

सौरव गांगुली ने टेस्ट क्रिकेट पर भी टिपण्णी की.

उन्होंने कहा, "द्रविड़ और लक्ष्मण वनडे क्रिकेट छोड़ ही चुके हैं. सचिन भी वनडे बहुत कम खेलते हैं. युवाओं को वनडे क्रिकेट में अच्छा खेलते देखकर खुशी होती है, लेकिन मुझे टेस्ट की चिंता है. टेस्ट क्रिकेट में इन सीनियर्स की जगह अभी कोई नहीं ले सकता."

'तीनों सीनियर्स को एक साथ नहीं खेलना चाहिए'

Image caption कपिल भारतीय खिलाडियों की फ़िटनेस पर चिंतित दिखे.

राजधानी दिल्ली में आयोजित इसी समारोह के दौरान पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने कहा कि भारतीय चयनकर्ताओं को फै़सला लेकर क्रमबद्ध तरीके से सीनियर्स के विकल्प तलाशने होंगे.

कपिल देव ने कहा, "कोई खिलाड़ी रिटायर नहीं होना चाहता. चयनकर्ताओं को बड़ी तस्वीर को ज़हन में रखकर कड़े फैसले लेने चाहिए. सीनियर्स को पूरा सम्मान देते हुए ऐसा किया जाना चाहिए. तीनों सीनियर सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण को एक टेस्ट में साथ नहीं खेलना चाहिए."

कपिल देव ने युवा खिलाड़ियों की फ़िटनेस पर भी लोगों का ध्यान दिलाया.

उनका कहना था कि ढीली फिटनेस का असर युवाओं के प्रदर्शन पर हो रहा है और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज़्यादा मौके मिलने चाहिए.

पूर्व क्रिकेटर मदन लाल ने भी युवा क्रिकटरों के पेशेवर रवैए और उनकी फ़िटनेस पर ज़्यादा ध्यान देने की बात दोहराई.

संबंधित समाचार