ओलंपिक में पदकों के सौदे का आरोप

  • 23 सितंबर 2011
इवान ख़ुदाबख़्श
Image caption इवान ख़ुदाबख़्श पर आरोप हैं कि उन्होंने डब्ल्यूएसबी को मिले धन के बदले अज़रबैजान को ओलंपिक में स्वर्ण पदकों का वायदा किया

बीबीसी के न्यूज़नाइट कार्यक्रम ने ऐसे सबूतों का पता लगाया है जिनके मुताबिक़ अज़रबैजान ने ख़ुफ़िया तौर पर लाखों डॉलर मुक्केबाज़ी के अंतरराष्ट्रीय संगठन वर्ल्ड सिरीज़ बॉक्सिंग या डब्ल्यूएसबी को दिए थे.

इसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने वालों के अनुसार डब्ल्यूएसबी के प्रमुख ने दावा किया था कि ये धन उस गारंटी के बदले दिया गया था जिसके तहत अज़रबैजान को लंदन 2012 ओलंपिक में मुक्केबाज़ी में दो स्वर्ण पदक मिलने थे.

ओलंपिक खेलों में मुक्केबाज़ी प्रतियोगिता का आयोजन करने वाले संगठन एआईबीए ने माना कि अज़रबैजान के एक व्यक्ति ने उनकी एक प्रतियोगिता में नब्बे लाख डॉलर दिए थे मगर इस बात से इनकार किया कि इसका पदक पहले से तय करने से कुछ लेना देना था.

अंतरराष्ट्रीय एमेच्योर मुक्केबाज़ी संघ या एआईबीए के वकीलों ने बीबीसी को बताया कि ऐसे आरोप "मूर्खतापूर्ण और पूरी तरह से झूठे" हैं.

एआईबीए के अध्यक्ष डॉक्टर चिंग कुओ वू ने न्यूज़नाइट को बताया कि ये दावे 'पूरी तरह झूठे और हास्यास्पद' हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि वर्ल्ड सिरीज़ बॉक्सिंग पूरी तरह पारदर्शी तरीक़े से आयोजित की जाती है.

मगर साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि एआईबीए में भ्रष्टाचार को किसी भी क़ीमत पर नहीं सहा जा सकता और आरोपों की तुरंत जाँच कराई जाएगी.

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति एआईबीए को मुक्केबाज़ी के खेल की प्रशासकीय संस्था के रूप में मान्यता देता है और वर्ल्ड सिरीज़ बॉक्सिंग पेशेवर मुक्केबाज़ी की उसकी एक पहल है.

'झूठे दावे'

मुक्केबाज़ी की दुनिया की जानकारी रखने वाले कुछ लोगों ने एआईबीए के वर्ल्ड सिरीज़ बॉक्सिंग के मुख्य कार्यकारी इवान ख़ुदाबख़्श पर आरोपों के साथ न्यूज़नाइट से संपर्क किया.

वैसे भी डब्ल्यूएसबी को अमरीका में आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था और उसे धन की ज़रूरत भी थी. अंदरूनी जानकारी रखने वालों के मुताबिक़ ख़ुदाबख़्श ने उन्हें बताया कि धन जुटाने के लिए एक गुपचुप सौदा अज़रबैजान से किया गया है जिसके बदले में ओलंपिक में मुक्केबाज़ी के मुक़ाबले में अज़रबैजान के मुक्केबाज़ों के लिए स्वर्ण पदक सुनिश्चित करने होंगे.

जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने न्यूज़नाइट को बताया, "इवान ने काफ़ी गर्व से हममें से कुछ को बताया कि अब वर्ल्ड सिरीज़ बॉक्सिंग के लिए चिंता करने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि उसके ख़र्चों के लिए अब धन आ गया है. अगर अज़रबैजान के लिए उनका स्वर्ण पदक सुनिश्चित हो जाता है तो डब्ल्यूएसबी को धन मिलता रहेगा."

एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि ख़ुदाबख़्श आए और उन्होंने कहा, "हम अब सुरक्षित हैं, अज़रबैजान आ गया है और हमें इसके लिए उन्हें पदक देना है. वह लाखों डॉलर की गुप्त राशि के लिए लंदन में स्वर्ण पदक की बात कर रहे थे. इस तरह से पदक बेचे जा रहे हैं ये आश्चर्यजनक है."

मगर ख़ुदाबख़्श ने न्यूज़नाइट को बताया कि अज़रबैजान के साथ किसी तरह के समझौते का दावा 'पूरी तरह से झूठ' है.

उन्होंने कहा, "मैं इस बात से इनकार करता हूँ कि मैंने किसी को दो स्वर्ण पदकों का वायदा किया है या किसी के साथ इस तरह का समझौता हुआ है कि अज़रबैजान को दो स्वर्ण पदक दिए जाएँगे."

अज़रबैजान से निवेश

एआईबीए ने इससे पहले दावा किया था कि वर्ल्ड सिरीज़ बॉक्सिंग अमरीका के लिए धन एक निजी स्विस कंपनी से आया था मगर न्यूज़नाइट को मिले दस्तावेज़ दिखाते हैं कि ख़ुदाबख्श, एआईबीए के एक कार्यकारी निदेशक हो किम और अज़बैजान के एक मंत्री कमलद्दीन हेदारोव के बीच एक समझौता हुआ था जिसके तहत एक करोड़ डॉलर का ऋण दिया गया था.

इन दस्तावेज़ों में ख़ुदाबख़्श का एक ई-मेल भी शामिल है जिसमें उन्होंने अज़रबैजान के मंत्रालय को चिट्ठी लिखते हुए कहा, "कृपया निवेश वाला पैसा जल्द से जल्द डब्ल्यूएसबी अमरीका के खाते में जमा करा दीजिए."

न्यूज़नाइट ने इस महीने की शुरुआत में स्विटज़रलैंड में ख़ुदाबख़्श का साक्षात्कार लिया जहाँ डब्ल्यूएसबी का कार्यालय भी है और उनसे धन के स्रोत के बारे में पूछा.

उन्होंने बताया, "डब्ल्यूएसबी अमरीका के लिए धन स्विटज़लैंड स्थित एक निवेश कंपनी की ओर से आया है." मगर एआईबीए और डब्ल्यूएसबी के वकीलों ने इस बात की पुष्टि की है कि धन भले ही स्विस कंपनी के ज़रिए आया हो मगर दरअसल वो धन अज़रबैजान से आया है. मगर वे इस बात से इनकार कर रहे हैं कि धन वहाँ की सरकार से आया है.

उनके मुताबिक़ सरकारी मंत्री हेदारोव ने अज़रबैजान के एक निजी निवेशक को डब्ल्यूएसबी से मिलवाया था और चूँकि निवेशक अच्छी अँगरेज़ी नहीं बोल पाता था इसलिए मंत्री और उनके सहायक ने एक तरह से मध्यस्थ का काम किया.

न्यूज़नाइट ने हेदारोव से संपर्क करने की कोशिश की मगर वहाँ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. अब तक उस अनजान निवेशक ने डब्ल्यूएसबी अमरीका में नब्बे लाख डॉलर लगा दिए हैं.

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