'नहीं पता ये माजिद कौन है'

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Image caption मोहम्मद आसिफ़ और सलमान बट पर मैच में फ़िक्सिंग करने का आरोप है

भारतीय क्रिकेटरों हरभजन सिंह और युवराज सिंह ने क्रिकेट एजेंट मज़हर मजीद के साथ किसी तरह की जान-पहचान से इनकार किया है.

दूसरी ओर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों को दुनिया का सबसे बड़ा मैच फ़िक्सर बताने वाले बयानों को पूरी तरह ख़ारिज किया है.

क्रिकेटर सलमान बट और मोहम्मद आसिफ़ पर लॉर्ड्स के टेस्ट मैच में फ़िक्सिंग में शामिल होने का आरोप है, हालाँकि दोनों इन आरोपों से इनकार कर रहे हैं.

इसी मामले की लंदन के सदर्क क्राउन कोर्ट में सुनवाई जारी है जहाँ बताया गया कि मज़हर मजीद ने एक अंडरकवर पत्रकार से बातचीत में युवराज सिंह और भज्जी को भी जानने का दावा किया था.

इस पर युवराज सिंह ने सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट ट्विटर के ज़रिए कहा, "ये मजीद कौन है!! बिल्कुल बकवास! मैं नहीं जानता कभी मिला भी नहीं हूँ!"

दूसरी ओर हरभजन सिंह मजीद पर क़ानूनी कार्रवाई तक करने की सोच रहे हैं. उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि ये व्यक्ति कौन है, मैं उससे कभी नहीं मिला. हम निश्चित ही उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई करेंगे."

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इन दावों को 'आधारहीन और विचित्र' बताया है.

ऑस्ट्रेलियाइयों पर आरोप

मजीद ने आरोप लगाया था कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी मैच के हिस्से फ़िक्स करते हैं, जिन्हें ब्रैकेट्स कहते हैं. इसका मतलब ये हुआ कि मैच के अलग-अलग हिस्सों को लेकर फ़िक्सिंग होती है जैसे एक ख़ास हिस्से में कितने रन बनेंगे वगैरह.

मजीद की अंडरकवर पत्रकार से बातचीत की रिकॉर्डिंग अदालत में पेश की गई जिसमें मजीद ने कहा, "ऑस्ट्रेलियाई, ये तो सबसे बड़े फ़िक्सर हैं. उनके लिए मैच में 10 ब्रैकेट्स हैं."

अभियोक्ताओं का दावा है कि मजीद ने सलमान बट और आसिफ़ के साथ मिलकर लॉर्ड्स टेस्ट के कुछ हिस्सों में फ़िक्सिंग की. वह मैच इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच पिछले साल अगस्त में खेला गया था.

मजीद ने न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड के अंडरकवर पत्रकार मज़हर महमूद से बातचीत में ये सब दावे किए थे. महमूद वहाँ एक अमीर भारतीय व्यापारी बनकर गए थे जो एक टूर्नामेंट के लिए बड़े अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को बुलाना चाह रहे थे.

उस बैठक की रिकॉर्डिंग में मजीद ने कहा, "ये तो कई वर्षों से हो रहा है. पाकिस्तानी क्रिकेटरों वसीम, वक़ार, एजाज़ अहमद, मोईन ख़ान- इन सबने किया."

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कार्यकारी जेम्स सदरलैंड ने कहा कि वह आईसीसी अधिकारियों से इस बारे में बात करेंगे और अगर कोई भी खिलाड़ी मैच-फ़िक्सिंग में शामिल पाया गया तो उस पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया जाएगा.

ये मुक़दमा अभी जारी है.

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