अब अनिवार्य नहीं होगा डीआरएस

  • 11 अक्तूबर 2011
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Image caption भारतीय बोर्ड भी डीआरएस को लेकर संतुष्ट नहीं

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने अंपायरों के फ़ैसले की समीक्षा (डीआरएस) को अनिवार्य बनाने के अपने फ़ैसले को बदल दिया है.

आईसीसी का कहना है कि अब ये मैच खेलने वाले देशों पर निर्भर करेगा कि वे डीआरएस का इस्तेमाल चाहते हैं या नहीं.

दुबई में आईसीसी की कार्यकारी बोर्ड की बैठक में यह फ़ैसला हुआ.

आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारून लॉरगेट ने कहा कि हालाँकि डीआरएस के कारण सही फ़ैसलों की संख्या बढ़ी है लेकिन अब भी कई देशों को इस पर आपत्ति है.

फ़ैसला

उन्होंने कहा, "डीआरएस के कारण सही फ़ैसलों की संख्या पाँच प्रतिशत और बढ़ी है. लेकिन कई लोग अब भी इस सिस्टम को पूरी तरह विश्वसनीय नहीं मानते. हम संबद्ध पक्षों के साथ मिलकर इसमें और सुधार के लिए बातचीत करते रहेंगे."

हालाँकि हांगकांग में अपनी सालाना बैठक के दौरान आईसीसी ने हॉट स्पॉट के इस्तेमाल को ज़रूरी बनाने का फ़ैसला किया था.

वैसे ये अब भी मैच में हिस्सा ले रहे देशों के बोर्डों पर निर्भर करेगा कि वे इस सिस्टम को इस्तेमाल करना चाहते हैं या नहीं.

आईसीसी की कार्यकारी बोर्ड में यह भी फ़ैसला हुआ कि आईसीसी टेस्ट चैम्पियनशिप के आयोजन को प्राथमिकता देती है. लेकिन बोर्ड को ये भी लगता है कि चैम्पियंस ट्रॉफ़ी को बदलने में व्यावसायिक चुनौतियाँ भी हैं.

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