दुखी से ज़्यादा सकते में हैं भज्जी

  • 12 अक्तूबर 2011
प्रियंका चोपड़ा के साथ हरभजन सिंह इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption हरभजन सिंह की कप्तानी में मुंबई की टीम ने चैंपियंस लीग जीती और भज्जी को मैन ऑफ़ द मैच मिला

इंग्लैंड के भारत दौरे में पहले दो वनडे के लिए टीम से बाहर किए गए ऑफ़ स्पिनर हरभजन सिंह का कहना है कि इस फ़ैसले से वो दुखी से ज़्यादा सकते में हैं.

भज्जी ने कहा, "मैं ये नहीं कहूँगा कि मुझे दुख हुआ. मुझे आश्चर्य ज़्यादा हुआ. मैं युवा खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ देना चाहता हूँ. मुझे उनके साथ अपने अनुभव बाँटने में ख़ुशी होगी जैसे सचिन तेंदुलकर, अनिल कुंबले और सौरभ गांगुली ने मेरी मदद की थी."

हरभजन सिंह का इंग्लैंड दौरे पर काफ़ी ख़राब प्रदर्शन रहा था और उनका कहना है कि भले ही वह भारतीय टीम का हिस्सा न हों मगर वह ये चाहते हैं कि उनके साथी इंग्लैंड से पाँच मैचों की सिरीज़ में बदला लें.

इंग्लैंड ने भारत को टेस्ट शृंखला में 3-0 से और पाँच वनडे मैचों की शृंखला में 4-0 से हराया था.

हरभजन का प्रदर्शन बुरा था और उन्होंने इंग्लैंड दौरे पर कुल 69 ओवरों चार गेंदों में सिर्फ़ दो विकेट लिए थे. उसके बाद उन्हें पेट में चोट लग गई थी जिसके चलते वह बाक़ी दौरे से अलग हो गए थे.

उन्होंने कहा, "हरभजन सिंह अहम नहीं है. ज़रूरी ये है कि भारत इंग्लैंड को हराए और बदला ले. मुझे भरोसा है कि अगले दो हफ़्तों में ऐसा होगा."

भज्जी के मुताबिक़, "आख़िरकार हम सब तो देश के लिए ही खेल रहे हैं."

भारत का बदला

उनका कहना था कि टीम से उनके बाहर होने से ज़्यादा उन्हें इंग्लैंड के हाथों भारत को मिली हार से दुख हुआ और अब भी उन्हें उसके बुरे सपने आ रहे हैं.

भज्जी ने कहा, "हमने शीर्ष पर पहुँचने के लिए काफ़ी मेहनत की और हम जब तक उसे वापस नहीं ले लेते हम शांति से नहीं बैठेंगे. हम आराम नहीं करेंगे."

उनके आलोचकों का कहना रहा है कि भज्जी की गेंदबाज़ी में अब वो पैनापन नहीं रहा है मगर वह इससे असहमत हैं.

भज्जी पूछते हैं, "सबसे पहले आपको ये तय करना होगा कि आप सीमित ओवरों के क्रिकेट में एक गेंदबाज़ से उम्मीद क्या करते हैं. क्या आप ये चाहते हैं कि हर बार 10 ओवरों में वो पाँच विकेट ले या फिर वह रनों पर रोक लगाए और विपक्षियों को ग़लत शॉट खेलने को मजबूर करे."

इस साल के 17 वनडे मैचों में हरभजन ने प्रति ओवर चार रनों के औसत से गेंदबाज़ी की है.

इंग्लैंड दौरे पर भारत का बहुत ही बुरा प्रदर्शन रहा था मगर उस दौरान भारत के कई प्रमुख खिलाड़ी घायल थे. वैसे उसके बाद हरभजन सिंह की कप्तानी में मुंबई इंडियंस की टीम ने चैंपियंस लीग ट्वेन्टी-20 मुक़ाबला जीता है.

इस बारे में भज्जी ने कहा, "ये कहना सही होगा कि हम जीत के प्रबल दावेदार नहीं बताए जा रहे थे. हमारे कुछ प्रमुख खिलाड़ी चोटग्रस्त थे और टीम पूरी तरह संतुलित नहीं थी. मगर हममें से किसी भी खिलाड़ी ने अपने आप में भरोसा नहीं छोड़ा."

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