दोनों टीमों की नाक की लड़ाई

  • 23 अक्तूबर 2011
धोनी ने पहला और तीसरा वनडे जिताने में अहम भूमिका अदा की इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption धोनी ने पहला और तीसरा वनडे जिताने में अहम भूमिका अदा की

भारत और इंग्लैंड के बीच मुंबई में होने वाला चौथा एकदिवसीय मैच दोनों ही देशों की नाक की लड़ाई बन गया है.

भारत पहले ही शुरुआती तीनों मैच जीतकर सिरीज़ पर क़ब्ज़ा कर चुका है मगर दोनों देशों की प्रतिद्वन्द्विता क्रिकेट के मैदान पर ऐसी हो चुकी है कि सिरीज़ में रोमाँच बरक़रार है.

भारत की कोशिश है इंग्लैंड में हुए अपमान का बदला लेने की तो इंग्लैंड बिना कोई मैच जीते भारत की धरती नहीं छोड़ना चाहेगा.

भारत ने तीनों ही मैच अच्छे ढंग से जीते हैं ऐसे में उसका पलड़ा मुंबई में भी भारी माना जा रहा है.

साथ ही मुंबई की पिच पर स्पिन गेंदबाज़ों को मदद मिलने की संभावना है और ऐसे में एक बार फिर भारत को ही इन परिस्थितियों का फ़ायदा होगा.

भारतीय गेंदबाज़ हालाँकि मोहाली में तीसरे वनडे में कुछ ख़ास असर नहीं दिखा सके थे और इंग्लैंड की टीम 298 रन बनाने में क़ामयाब हो गई थी मगर मुंबई में रवींद्र जडेजा और आर अश्विन से फिर उम्मीदें होंगी.

वैसे तो भारतीय टीम सिरीज़ जीत चुकी है मगर धोनी की कोशिश ये शृंखला 5-0 से जीतने की है.

ऐसे में टीम में किसी नाटकीय फेरबदल की उम्मीद नहीं की जा रही है. गेंदबाज़ उमेश यादव के चोटग्रस्त होने की वजह से अभिमन्यु मिथुन को टीम में जगह दी गई है.

बर्ताव

एक बार फिर भारतीय बल्लेबाज़ों से टीम को काफ़ी उम्मीद होगी क्योंकि उन्हीं के दम पर टीम आसानी से जीत हासिल करती आ रही है.

वैसे हैदराबाद में हुए पहले वनडे में भारत को 126 रनों की जीत हासिल हुई थी और दूसरे वनडे में आठ विकेट से.

इस मैच में नज़र इंग्लैंड के खिलाड़ियों के मैदान पर व्यवहार पर भी रहेगी क्योंकि पिछले दो मैचों में दोनों टीमों के बीच काफ़ी तनातनी दिखी थी.

इसके बाद भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने संवाददाता सम्मेलन में उनके बर्ताव की ओर इशारा भी किया था.

दरअसल बुरे प्रदर्शन के चलते इंग्लैंड के खिलाड़ियों की झुंझलाहट अंपायर और भारतीय खिलाड़ियों के साथ ही ख़ुद अपनी टीम के खिलाड़ियों पर भी निकली है.

इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों ने मोहाली वनडे में तो अच्छा प्रदर्शन किया मगर उनके गेंदबाज़ 298 का स्कोर भी नहीं बचा सके.

इस बीच इंग्लैंड के लिए सबसे बड़ी परेशानी का सबब उनकी फ़ील्डिंग हो गया है क्योंकि टीम का क्षेत्ररक्षण बेहद लचर दिख रहा है.

तीनों ही मैचों में खिलाड़ियों के सुस्त रवैये के चलते भारतीय खिलाड़ियों को कई बार जीवनदान और अतिरिक्त रन मिले हैं.

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