पांचवें मैच में दबाव इंग्लैंड पर

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Image caption सीरिज़ के दौरान कप्तान धोनी ने फिर सबका मन मोह लिया.

भारत और इंग्लैंड के बीच पांचवें एकदिवसीय मैच में इंग्लैंड जहां अपनी नाक बचाने के लिए खेलेगा वहीं भारत बिनी किसी दबाव के सीरिज़ 5-0 से जीतने की कोशिश करेगा.

भारत पाँच मैचों की शृंखला में 4-0 से आगे है और इंग्लैंड की टीम किसी भी तरह एक जीत की तलाश में है.

भारत ने जहां गेंदबाज़ी, बल्लेबाज़ी और क्षेत्ररक्षण में उम्दा प्रदर्शन किया है वहीं इंग्लैंड की टीम कुछ बल्लेबाज़ों को छोड़कर किसी और क्षेत्र में भारतीय टीम पर दबाव नहीं बना पाई है.

कुक के स्कोर के अलावा कोई और बल्लेबाज़ अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया है और गेंदबाज़ों की लगातार धुनाई होती रही है.

भारत ने चार मैचों के दौरान वरुण आरोन और अश्विन जैसे खिलाड़ियों को जगह दी है और इन खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है.

पार्थिव पटेल को छोड़ दिया जाए तो बल्लेबाज़ी में भी भारत का प्रदर्शन अच्छा रहा है और वो बड़े स्कोर का पीछा करने में भी सफल रहे हैं.

उल्लेखनीय है कि इंग्लैंड के दौरे में भारत को भी बुरी तरह हार मिली थी टेस्ट और वनडे सीरिज़ में. कुछ ऐसी ही हालत इस समय इंग्लिश टीम की भी है जो कम से कम एक मैच जीतकर साबित करना चाहेगी कि वो इंग्लैंड में उनकी जीत बेवजह नहीं थी.

धोनी ने इन मैचों में जीत को इंग्लैंड से बदला करार देने पर आपत्ति की है और कहा है कि खेल में बदले जैसे शब्दों की जगह नहीं होनी चाहिए.

पांचवे एकदिवसीय मैच में क्रिकेट के अलावा सबकी नज़र भीड़ पर भी होगी. मुंबई में हुए चौथे मैच में स्टेडियम खाली खाली था जिसको लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं कि लोग बहुत अधिक क्रिकेट से थक चुके हैं.

देखना होगा कि कोलकाता का इडेन गार्डन भरता है या नहीं और अगर भरता है तो उन्हें भारत की जीत देखने को मिलेगी या इंग्लैंड की.

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