'पाकिस्तान और क्रिकेट की छवि पर धब्बा'

मोहम्मद आसिफ़ और सलमान बट इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption मोहम्मद आसिफ़ और सलमान बट को सात साल तक की जेल हो सकती है

पाकिस्तानी मीडिया और वहाँ के क्रिकेट प्रेमियों का कहना है कि देश के दो क्रिकेटरों को स्पॉट फ़िक्सिंग का दोषी ठहराए जाने से देश और क्रिकेट की छवि पर धब्बा लगा है.

मंगलवार को लंदन की एक अदालत ने मोहम्मद आसिफ़ और सलमान बट को स्पॉट फ़िक्सिंग का दोषी ठहराया था. पिछले साल लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान दोनों ने जान-बूझकर नॉ बॉल फेंकी थी.

मोहम्मद आमिर ने पहले ही अपना दोष स्वीकार कर लिया था. इन तीनों खिलाड़ियों को जेल की सज़ा सुनाई जा सकती है.

क्रिकेट की बहुचर्चित वेबसाइट क्रिकइन्फ़ो पर कराची स्थित क्रिकेट लेखर साद शफ़क़त ने लिखा है- स्पॉट फ़िक्सिंग में दोषी ठहराए गए क्रिकेटर उस ज़ख़्म का प्रतीक हैं, जिससे पाकिस्तानी क्रिकेट का ढाँचा धीरे-धीरे ख़त्म हो रहा है. ये सिर्फ़ इत्तेफ़ाक नहीं लगता कि उनके टीम से जाने के बाद मैदान पर टीम का भाग्य अच्छा दिख रहा है.

शर्मसार

पाकिस्तान के चर्चित अख़बार द डॉन की वेबसाइट पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया में लिखा है कि मंगलवार को आए फ़ैसले से पाकिस्तानी क्रिकेट शर्मसार हुआ है.

इस वेबसाइट पर मोहम्मद ताहिर जमाली ने लिखा है- ये बहुत दुख की बात है. खिलाड़ियों का करियर ख़त्म हो गया औऱ पाकिस्तान ने अपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को गँवा दिया.

एक और पाकिस्तानी क्रिकेट प्रेमी उमैर लिखते हैं, "ये मामला ये दिखाता है कि हमारे समाज में भ्रष्टाचार ने कितनी गहरी पैठ बना ली है और इसने नैतिक ढाँचे को विघटित कर दिया है. खट्टे-मीठे अनुभवों के बीच मैं इस फ़ैसले को न्यायसंगत मानते हुए इसका स्वागत करता हूँ. बिना घालमेल के दी गई सज़ा सभी तक सही संदेश पहुँचाएगी. मैं उस दिन की उम्मीद करता हूँ जब हमारी अदालतें भी भ्रष्टाचार के दोषियों को स्पष्ट रूप से सज़ा देंगी और इसे जड़ से समाप्त किया जा सकेगा."

पाकिस्तान के एक और अख़बार द नेशन में हारून सिद्दीक़ी ने लिखा है कि स्पॉट फ़िक्सिंग स्कैंडल ने दुनिया में पाकिस्तान की छवि पर धब्बा लगाया है.

उम्मीद

वे लिखते हैं- पाकिस्तान ने अपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को गँवा दिया है. ये उम्मीद की जा सकती है कि इससे आने वाले खिलाड़ियों को ये संदेश जाएगा कि जल्दी से जल्दी पैसा कमाने के इन शॉर्टकट तरीक़ों से न सिर्फ़ वे सम्मान गँवाएँगे बल्कि उनका करियर भी ख़त्म हो जाएगा.

हालाँकि साद शफ़क़त लिखते हैं कि पाकिस्तानी क्रिकेट इन सबसे आगे निकल चुका है. वे लिखते हैं, "पाकिस्तानी क्रिकेट पहले भी ऐसी समस्याओं से उबर चुका है और इसकी पूरी संभावना है कि इस बार भी यही होगा."

वे आगे लिखते हैं- वर्ष 2006 के विवादित ओवल टेस्ट के बाद टीम डोपिंग स्कैंडलों से प्रभावित रही, तो क्रिकेट प्रशासक भी अच्छे नहीं आए, उनका एक कोच होटल के अपने कमरे में मृत पाया गया, पाकिस्तान का दौरा कर रही एक टीम पर आतंकवादी हमले हुए और फिर विदेशी टीमों का दौरा बंद हो गया.

उन्होंने लिखा है कि स्पॉट फ़िक्सिंग के सामने आने के बाद से टीम के प्रदर्शन में सुधार से लगता है कि पाकिस्तानी टीम इससे उबर कर आगे बढ़ चुकी है.

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