वेस्टइंडीज़ की पूरी पारी अब भी नहीं सिमटी

  • 23 नवंबर 2011
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Image caption ब्रावो ने लगातार दूसरे टेस्ट में शतक जमाया

मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम की सपाट पिच पर भारतीय गेंदबाज़ दो दिन में भी वेस्टंडीज़ के दसों खिलाड़ियों को आउट नहीं कर सके और फ़ॉर्म में चल रहे डैरेन ब्रावो ने बेहतरीन 166 रन जड़ दिए.

दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक वेस्टइंडीज़ ने नौ विकेट के नुक़सान पर 575 रन बना लिए हैं.

अब भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को इंतज़ार और उम्मीद है कि ऐसे विकेट पर सचिन तेंदुलकर भी 100वाँ अंतरराष्ट्रीय शतक पूरा करने में क़ामयाब हो जाएँगे.

इस विकेट पर वेस्टइंडीज़ के शीर्ष छह बल्लेबाज़ अर्द्धशतक बनाने में क़ामयाब हो गए.

कल के स्कोर दो विकेट पर 267 रनों से आगे खेलते हुए कर्क एडवर्ड्स और डैरेन ब्रावो स्कोर को 314 तक ले गए.

कर्क एडवर्ड्स को इशांत शर्मा ने महेंद्र सिंह धोनी के हाथों विकेट के पीछे लपकवाया. एडवर्ड्स ने 86 रन बनाए थे.

इसके बाद भारत को उम्मीद बँधी कि वह फिर जल्दी-जल्दी कुछ विकेट ले सकेगा मगर केरन पॉवेल ने भारत की उस उम्मीद पर पानी फेर दिया. ब्रावो के साथ मिलकर पॉवेल ने चौथे विकेट के लिए 160 रनों की साझेदारी कर दी.

ऐरॉन को सफलता

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Image caption वरुण ऐरॉन ने पहला टेस्ट विकेट डैरेन ब्रावो के रूप में लिया

पॉवेल के आउट होने के बाद मार्लन सैमुअल्स ने 61 रन बना दिए और उन्हें अश्विन ने द्रविड़ के हाथों कैच आउट कराया. पॉवेल ने इस पारी में नौ चौके लगाए.

भारतीय गेंदबाज़ों को लंबे अंतराल के बाद सफलता मिल रही थी मगर ये क्रम तब टूटा जब 518 रनों के स्कोर पर ब्रावो को आउट करके प्रवीण ऐरॉन ने पहला टेस्ट विकेट झटका.

ब्रावो 166 रन बनाकर आउट हुए और उन्होंने इस दौरान 17 चौके लगाए.

उसके बाद कार्लटन बाग, डैरेन सैमी, रवि रामपॉल और मार्लन सैमुअल्स का विकेट जल्दी-जल्दी गिर गया.

इस तरह दिन का खेल समाप्त होने तक वेस्टइंडीज़ ने नौ विकेट के नुक़सान पर 566 रन बनाए हैं.

इस तरह एक और दिन भारतीय गेंदबाज़ विकेट के लिए संघर्ष करते रहे. कप्तान धोनी विकेट निकालने के लिए हरसंभव कोशिश करते नज़र आए और उन्होंने इस दौरान सचिन तेंदुलकर के अलावा वीरेंदर सहवाग से भी गेंदबाज़ी करवाई.

भारत की ओर से अश्विन ने चार, वरुण ऐरॉन ने तीन और इशांत शर्मा और प्रज्ञान ओझा ने एक-एक विकेट झटके.

अब भारत की कोशिश तीसरे दिन के खेल के पहले सत्र में जल्दी से जल्दी वेस्टइंडीज़ की पारी समेटने की होगी.

इसके बाद भारत को सँभलकर खेलना होगा क्योंकि वेस्टइंडीज़ ने इस टेस्ट में अपनी स्थिति मज़बूत कर ली है.

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