लंदन ओलंपिक में सट्टेबाज़ी को लेकर चिंता

  • 1 जनवरी 2012
Image caption लंदन ओलंपिक 2012

लंदन में इसी साल ओलंपिक खेल होने हैं और जैसे जैसे ये तारीख़ नज़दीक आती जा रही है ये डर भी बढ़ता जा रहा है कि सट्टेबाज़ मैच फ़िक्स करने के लिए खिलाड़ियों को रिश्वत की पेशकश कर सकते हैं.

हालांकि तमाम जगहों पर इस ग़ैरक़ानूनी प्रवृत्ति को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं ताकि इन खेलों की प्रतिष्ठा धूमिल न हो सके.

ब्रिटेन के संस्कृति और खेल मंत्रालय का कहना है कि लंदन ओलंपिक 2012 के लिए जल्द ही एक संयुक्त ख़ुफ़िया इकाई गठित की जाएगी.

खेल मंत्री हग रॉबर्ट्सन के मुताबिक सट्टेबाज़ी से लंदन ओलंपिक खेलों के बचाने की कोशिशों पर काम शुरू हो चुका है..

रॉबर्टसन के अनुसार, ‘विशेषकर एशियाई उप महाद्वीप और पूर्व में ग़ैरक़ानूनी जुए ने इस खेल की प्रतिष्ठा के सामने सबसे गंभीर समस्या खड़ी कर रखी है.’

यह इकाई दुनिया के किसी भी हिस्से में संदिग्ध सट्टेबाज़ों की पहचान करेगी और खिलाड़ियों को प्रलोभन देने की उनकी कोशिशों पर भी नज़र रखेगी.

यह इकाई राष्ट्रीय ओलंपिक समिति और इंटरपोल समेत तमाम स्रोतों से ख़ुफ़िया सूचनाएं और अन्य जानकारी साझा कर सकेगी.

खेलों को सही तरीके से संपन्न करने के लिए सरकार लंदन ओलंपिक्स के आयोजकों, जुआ आयोग और पुलिस के साथ मिलकर रणनीति बनाने की कोशिश कर रही है कि किस तरह से खेलों की प्रतिष्ठा को धूमिल होने से बचाया जाए.

इसके अलावा ब्रिटेन के जुआ क़ानून 2005 में भी संशोधन करने पर विचार किया जा रहा है ताकि जानकारी और ख़ुफ़िया सूचनाएं साझा की जा सकें.

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