सिडनी टेस्ट में पारी से हार का संकट

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कप्तान माइकल क्लार्क के तिहरे शतक और माइकल हसी के 150 रन की पारियों से सिडनी टेस्ट मैच में मज़बूती से खेल रही ऑस्ट्रेलिया को भारत के विरुद्ध मैच में 354 रनों की बढ़त अब भी हासिल है.

सिरीज़ में अब तक प्रभावित कर पाने में विफल रहे भारतीय बल्लेबाज़ो के सामने सबसे बड़ी चुनौती अंतिम दो दिनों तक पिच पर टिके रहने की है. अगर दूसरी पारी में भी बल्लेबाज़ नही चले तो भारत पारी से भी हार सकता है.

सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में गुरुवार को तीसरे दिन का खेल ख़त्म होने तक दूसरी पारी में भारत दो विकेट खोकर 114 रन पर खेल रहा है.

दूसरी पारी में वीरेन्दर सहवाग चार रन बनाकर वॉर्नर को कैच थमा बैठे, वहीं मिस्टर भरोसेमंद राहुल द्रविड़ 29 रन बनाकर पवेलियन लौट गए.

तीसरे दिन का खेल ख़त्म होने तक गौतम गंभीर 68 रन और सचिन तेंदुलकर आठ रन बनाकर क्रीज़ पर थे.

मिस्टर भरोसेमंद भी नहीं टिके

गौतम गंभीर ने आठ चौकों की मदद से 54 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया. दूसरे छोर पर कुछ अच्छे स्ट्रोक लगाने के बाद द्रविड़ हिल्फ़ेनहॉस की गेंद पर बोल्ड हो गए. हिल्फ़ेनहॉस की ऑफ़ कटर गेंद द्रविड़ के बल्ले और पैड के बीच में से निकलते हुए मिडल स्टंप पर जा लगी.

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Image caption तीसरे दिन का खेल ख़त्म होने तक गौतम गंभीर और सचिन तेंदुलकर क्रीज़ पर जमे रहे

आउट होने से पहले द्रविड़ और गंभीर ने दूसरे विकेट के लिए 72 रनों की साझेदारी की. द्रविड़ ने 73 गेंदें खेली और चार चौकों की मदद से 29 रन बनाए.

इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने चार विकेट के नुकसान पर 659 रन बनाकर पहली पारी घोषित की.

मैच की पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया के माइकल क्लार्क ने कप्तानी पारी खेलते हुए शानदार 329 रन बनाए और अंत तक नाबाद रहे. सिडनी क्रिकेट ग्राउंड के इस ऐतिहासिक सौवें टेस्ट मैच में क्लार्क के 329 रनों की पारी इस मैदान में किसी खिलाड़ी का अब तक सबसे बड़ा निजी स्कोर है.

क्लार्क का भरपूर साथ निभाया माइकल हसी ने, उन्होंने भी भारतीय गेंदबाज़ों की जमकर धुनाई की और 150 रन बनाकर नाबाद रहे.

हसी का शतक लंच से पहले ही पूरा हो गया जबकि क्लार्क को तिहरा शतक लगाने के लिए लंच के बाद खेल शुरू होने का इंतज़ार करना पड़ा.

धीमी गति से खेल रहे क्लार्क ने तीसरे दिन के पहले एक घंटे में केवल 13 रन बनाए. इसके बावजूद गुरुवार को खेल शुरू होने के बाद एक घंटे में ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 500 से आगे था.

क्लार्क का दिन

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Image caption तिहरे शतक की शानदार पारी की बदौलत माइकल क्लार्क भारत के ख़िलाफ़ सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ बन गए

गुरुवार का दिन क्लार्क के नाम रहा, तिहरे शतक की उपलब्धि पाने के अलावा वो भारत के ख़िलाफ़ सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ बन गए हैं. इससे पहले ये रिकॉर्ड उन्ही की टीम के रिकी पोंटिंग के नाम था. पोंटिंग ने साल 1999-2000 में मेलबर्न टेस्ट में 257 रन बनाए थे.

क्लार्क और हसी के दो सौ रनों की साझेदारी 307 गेंदों में पूरी हुई. हसी के 150 रन पूरा होने तक क्लार्क 329 रन बना चुके थे और ऑस्ट्रेलिया 468 रनों की बढ़त पर था.

क्लार्क का तिहरा शतक टेस्ट क्रिकेट में अब तक का 25वाँ तिहरा शतक है. अब तक केवल चार खिलाड़ी- सर डॉन ब्रैडमैन, ब्रायन लारा, वीरेंदर सहवाग और क्रिस गेल ही टेस्ट मैचों में दो बार तिहरा शतक लगा पाए है.

इससे पहले टेस्ट मैच के दूसरे दिन कप्तान माइकल क्लार्क के नाबाद दोहरे शतक और रिकी पोंटिंग के 134 रनों की बदौलत मेज़बान टीम भारत के ख़िलाफ़ 291 रनों की बढ़त पर थी. पहली पारी में भारत कुल 191 रन ही बना सका था.

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