भारतीय टीम को पैराशूट की ज़रूरत: धोनी

  • 6 जनवरी 2012
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Image caption धोनी ने ये भी माना कि ये उनकी कप्तानी का मुश्किल दौर है और अपनी बल्लेबाज़ी में भी वो सुधार करना चाहेंगे.

भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का मानना है कि सिडनी टेस्ट में टीम की हार की मुख्य वजह बल्लेबाज़ों का बड़ी साझेदारी न बना पाना है.

सिडनी टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को पारी और 68 रनों से हरा दिया है. पहला टेस्ट मैच भी हारने के बाद भारतीय टीम सिरीज़ में 2-0 से पिछड़ गई है.

टीम के ख़राब प्रदर्शन के बारे में धोनी ने कहा, ''अगर आप इंग्लैंड की सिरीज़ देखें या यहाँ भी, हम ज़्यादा रन नहीं बना पाए. हमने 20 विकेट तो कई बार लिया लेकिन रन नहीं बने जिससे गेंदबाज़ विकेट के लिए ठीक तरह से प्लान कर सके. ये हमारे लिए चिंता का विषय है. सिडनी टेस्ट की दूसरी पारी में हमने अच्छी बल्लेबाज़ी की."

धोनी के अनुसार "आप देखेंगे कि शुरुआती क्रम में लगभग सभी ने पचास रन बनाए जो एक अच्छा संकेत है. लेकिन हम उन 50 रनों को शतक में नहीं बदल पा रहे हैं और यही हमारी कमज़ोरी साबित हो रही है.''

सिडनी टेस्ट की दूसरी पारी में गंभीर, लक्ष्मण, तेंदुलकर और अश्विन ने पचास का आँकड़ा पार किया था लेकिन कोई भी बल्लेबाज़ शतक नहीं बना सका.

भारतीय टीम की विदेशी दौरे पर टेस्ट में ये लगातार छठी हार है. ऐसा लग रहा है कि टीम का प्रदर्शन लगातार गिरता जा रहा है.

जब धोनी से ये सवाल पूछा गया कि भारतीय टीम गिरते प्रदर्शन को संभालने के लिए क्या कर रही है तो उन्होंने कहा, ''विदेशी दौरे पर हम विपक्षी टीम को आउट नहीं कर पा रहे हैं और बड़े स्कोर भी बना पाने में निरंतरता नहीं आ पा रही है. इससे बचने के लिए भारतीय टीम को पैराशूट की जरूरत है. पैराशूट का मतलब सभी तीनों डिपार्टमेंट में अच्छा प्रदर्शन. हमें जल्द से जल्द अपनी बल्लेबाज़ी, गेंदबाज़ी और फ़ील्डिंग में सुधार करना होगा.''

'सिरीज़ ड्रा कराने की कोशिश'

धोनी का ये भी मानना है कि टीम सिरीज़ में वापसी कर सकती है. उन्होंने कहा, ''हमने सिरीज़ जीतने का मौका गँवा दिया है लेकिन दो मैच बाक़ी है जिसे जीतकर हम सिरीज़ ड्रॉ कर सकते हैं.''

धोनी ने ये भी माना कि ये उनकी कप्तानी का मुश्किल दौर है और अपनी बल्लेबाज़ी में भी वो सुधार करना चाहेंगे.

इस सिरीज़ से पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम की भी हालत ख़स्ता थी और उन्होंने दक्षिण अफ़्रीका और न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ मैच गंवाए थे.

भारत और ऑस्ट्रेलिया टीम के बीच में आख़िर क्या अंतर है जिससे एक को जीत मिल रही है जबकि भारत लगातार हार रहा है. ऑस्ट्रेलिया के कप्तान माइकल क्लार्क का मानना है कि ये फ़ासला गेंदबाज़ी में है न कि बल्लेबाज़ी में.

उनका कहना है कि उनकी टीम में विकेट लेने वाले गेंदबाज़ है जिससे टीम को मदद मिल रही है.

उन्होंने कहा, ''जब भी हमें विकेट लेने की ज़रूरत पड़ी, हमारे पास विकेट लेने वाले गेंदबाज़ थे जो आगे आए. ये गेंदबाज़ लगातार अच्छी दिशा में गेंदबाज़ी करते हैं और रन भी नहीं देते हैं जिससे विपक्षी टीम की बल्लेबाज़ी पर असर पड़ता है.''

चार टेस्ट मैच की सिरीज़ में 2-0 से पीछे होने के बाद ऑस्ट्रेलिया में पहली बार सिरीज़ जीतने का भारतीय टीम का सपना भी चकनाचूर हो गया है. टीम अब सिरीज़ बराबर करने के बारे में सोच रही है जिसके लिए उन्हें पर्थ और एडिलेड टेस्ट मैच जीतना होगा.

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