पर्थ में टीम नई शुरुआत करना चाहेगी: धोनी

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Image caption फ़्लेचर के साथ धोनी ने मिलकर काफ़ी अभ्यास किया और पर्थ की विकेट का जायज़ा लिया

भारतीय टीम मेलबर्न और सिडनी की हार को भूलकर पर्थ में नई शुरुआत करना चाहती है.

सिडनी के बाद टीम ने तीन दिन का ब्रेक लिया, शहर घूमने गए और गो कार्टिंग भी की मगर उसके बाद के तीन दिन टीम ने नेट्स पर कड़ा अभ्यास किया है और ऑस्ट्रेलिया को पर्थ में पछाड़ने की रणनीति तैयार की है.

मौजूदा सिरीज़ में 2-0 से पीछे भारतीय टीम के पास सिरीज़ बराबर करने का मौका पर्थ में है.

वैसे पिच की घास देखकर भारतीय टीम अंतिम ग्यारह के चयन की दुविधा में फँसी हुई है.

पहले दो मैचों में भारत ने तीन मध्यम तेज़ गेदबाज़ों के साथ एक स्पिनर को टीम में जगह दी थी लेकिन पर्थ में ऑस्ट्रेलिया की तरह भारतीय टीम भी चार मध्यम तेज़ गेंदबाजों के साथ उतरने का मन बना रही है.

वैसे भारतीय कप्तान धोनी ने कहा है कि इसका फ़ैसला मैच की सुबह विकेट देखने के बाद ही लिया जाएगा.

पर्थ में तेज़ गेंदबाज़ों को पिच से मदद मिलती है, ऐसे में कप्तान धोनी चाहते हैं कि ऐसी टीम का चयन हो जो ऑस्ट्रेलिया के विकेट आसानी से ले सकें.

दबाव

Image caption सदरलैंड ने कहा कि अगर गर्मी ऐसी रही तो पिच टूट सकती है

धोनी का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाज़ी भी दबाव में बिखर सकती है और एक बड़ा विकेट लेने के बाद उन पर शिकंजा कसा जा सकता है.

धोनी ने कहा, "हर बैटिंग लाइन अप में कोई न कोई अस्थिरता होती है, ऑस्ट्रेलिया में भी है. जब एक बड़ा विकेट मिलता है तो सभी दस विकेट गिर जाते हैं. ज़रूरी बात है कि आप कितने धैर्य से गेंदबाज़ी कर रहे हैं और बल्लेबाज़ को मजबूर कर रहे हैं कि वो एक ख़राब शॉट खेले."

धोनी के अनुसार, "ऑस्ट्रेलिया में 20-25 ओवर के बाद विकेट बल्लेबाज़ों के लिए आसान हो जाती है और जो गेंदबाज़ लगातार अच्छी जगह गेंद फेंकता रहता है उसे विकेट मिलते हैं. मुझे उम्मीद है कि हमारे गेंदबाज़ भी ऐसा करेंगे."

पिछली बार भी टीम पर्थ टेस्ट से पहले 0-2 से पीछे थी और फिर पर्थ में टीम को जीत मिली थी.

धोनी ने भरोसा जताया कि सिरीज़ अभी ख़त्म नहीं हुई है और भारतीय टीम वापसी करेगी.

उन्होंने कहा, "हम वापसी कर सकते हैं. हमने अच्छी तैयारी की है और हम मैच में भी वो चीज़ दोहराना चाहेंगे. हम अपनी प्रतिभा के अनुरूप खेल पाते हैं या नहीं ये तो मैच के बाद ही पता चलेगा कि हम वैसा खेल पाए या नहीं. लेकिन हम इसकी पूरी कोशिश करेंगे."

पैटिंसन की कमी

वहीं दो लगातार जीत के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम के हौसले बुलंद है. मेलबर्न में मैन ऑफ द मैच रहे तेज़ गेंदबाज़ जेम्स पैटिंसन चोट की वजह से टीम में नहीं हैं लेकिन क्लार्क ने कहा कि टीम को उनकी कमी नहीं खलेगी.

मैच से एक दिन पहले संवाददाता सम्मेलन में कप्तान माइकल क्लार्क ने कहा, "हमारे पास जेम्स पैटिंसन नहीं है लेकिन रायन हैरिस वापस आ रहे हैं."

क्लार्क के अनुसार, "हैरिस बेहतरीन गेंदबाज़ हैं. जिनके साथ मैंने क्रिकेट खेला है हैरिस उनमें सबसे अच्छे गेंदबाज़ों में एक है. अगर हम लगातार अच्छी जगह पर बोलिंग करेंगे जैसा हमने मेलबर्न और सिडनी में किया था तो हमें ज़रूर सफलता मिलेगी."

गर्मी का पिच पर असर

वहीं पर्थ के विकेट क्यूरेटर कैमरल सदरलैंड का कहना है कि पर्थ में इस बार गर्मी ज़्यादा पड़ रही है और अगर ऐसी गर्मी पाँचों दिन बनी रही तो पिच थोड़ी टूट भी सकती है.

सदरलैंड ने कहा, "बैटिंग के लिए दूसरा और तीसरा दिन सबसे बढ़िया है. टॉस जीतकर आप पहले गेंदबाजी करना चाहेंगे."

सदरलैंड ने बताया, "भारतीय कोच डंकन फ़्लेचर ने काफ़ी बातचीत की और पिच के राज़ जानने की कोशिश की. अगर गर्मी लगातार बनी रही तो पिच थोड़ी टूट सकती है, कितनी ये नहीं कह सकते."

उनके अनुसार, "बैटिंग के लिए दूसरा और तीसरा दिन सबसे बढ़िया है. टॉस जीतकर आप पहले गेंदबाजी करना चाहेंगे."

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