‘सचिन को विश्वकप के बाद संन्यास ले लेना था’

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Image caption भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने विश्व कप की जीत सचिन तेंदुलकर के नाम कर दिया था.

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेट कप्तान इमरान ख़ान का मानना है कि भारत के विश्व कप जीतने के साथ सचिन तेंदुलकर ‘सफ़लता के चरम’ पर थे और उन्हें उस वक़्त क्रिकेट से संन्यास ले लेना चाहिए था.

टेलीविज़न चैनल सीएनएन-आईबीएन को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा, “हम सब अपने चरम पर जाना चाहते हैं, पर ये हमेशा मुमकिन नहीं होता, विश्व कप जीतना सचिन के लिए सफ़लता का चरम था, वही सही समय था जाने का.”

इमरान ने कहा कि सही समय का फ़ैसला सचिन को ख़ुद ही करना है और वो ना चाहें तो ऑस्ट्रेलिया से 4-0 हारने के बाद जाना ज़रूरी नहीं है.

उन्होंने कहा कि ये एक मुश्किल फ़ैसला होता है और कई महान ख़िलाड़ी खेल छोड़ने के सही समय का चुनाव नहीं कर पाए हैं.

इमरान ने कहा कि भारतीय क्रिकेट में इस वक़्त ये फ़ैसला एक नहीं बल्कि तीन-चार ख़िलाड़ियों को लेना है, पर बड़ा सवाल ये है कि क्या उनकी जगह लेने के लिए युवा ख़िलाड़ियों को तैयार किया गया है.

सौवां शतक

इमरान से जब तेंदुलकर के सौवें शतक के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि एक महान खिलाड़ी को आंकड़ों से फ़र्क नहीं पड़ता.

उन्होंने कहा, “रिकॉर्ड तो टीम की जीत के साथ टूटने चाहिए, उन्हें तोड़ने के लिए खेलना सही नहीं है, 100 की जगह अगर सचिन के 99 शतक होंगे तो मैं उन्हें कोई कम ख़िलाड़ी नहीं मानूंगा.”

इमरान ने कहा कि सचिन एक महान खिलाड़ी हैं और उनकी जगह कोई नहीं ले सकता.

उन्होंने कहा कि जिन खिलाड़ियों के साथ वो खेले उनमें सर्वश्रेष्ठ विव रिचर्ड्स को मानते हैं.

इसके लिए उन्हें रिचर्ड्स के आंकड़ों को नहीं देखना पड़ता बल्कि वो हमेशा नई चुनौतियों का सामना करने के उनके जज़्बे की सराहना करते हैं.

उन्होंने ट्वेंटी-20 और टेस्ट क्रिकेट के बीच संतुलन बनाने की ज़रुरत पर भी ज़ोर दिया.

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