'ओलंपिक स्वर्ण दिलाएगा मुझे मेरा हक'

पांच बार की विश्व चैंपियन और हाल ही में एशियाई बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर लौटी भारतीय मुक्केबाज़ एम सी मैरीकॉम कहती हैं कि उन्हें ओलंपिक में पदक जीतने का पूरा भरोसा है, जिसके बाद उन्हें उनका वाजिब हक मिलेगा.

एमसी मैरीकॉंम ने ये बात बीबीसी से खास बातचीत में कही. जब मैरीकॉम से पूछा गया कि एक विश्व चैंपियन होने के नाते क्या उन्हें वो नाम, शोहरत और पैसा मिला जिसकी वो हकदार हैं.

इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "पुरुष खिलाड़ियों के मुकाबले तो मुझे नाम, पैसा शोहरत नहीं मिला. अगर आप दूसरी महिला खिलाड़ियों के मुकाबले देखें तो मुझे सबसे ज़्यादा मिला है. मुझे भरोसा हैं कि जब मैं ओलंपिक में पदक जीतूंगी तो मैं लडकों से भी बराबरी कर पाऊंगी और यही सोचकर में मेहनत कर रही हूं."

मैरीकॉम कहती हैं, "कई बार सोचती हूं कि भारत में बाकी खेलों के खिलाड़ियों को जितनी प्रसिद्धि मिली है उतनी मुझे नहीं मिली. मैं इतना पैसा नहीं कमा पाई. फिर मैं अपने आप को यही बोलकर उत्साहित करती हूं कि जब मैं ओलंपिक में पदक जीतूंगी तो सब ठीक हो जाएगा."

आम तौर पर 48 किलोग्राम वर्ग में उतरने वाली मैरीकॉम ने ओलंपिक के लिए 51 किलोग्राम वर्ग के हिसाब से तैयारी की है और एशियन चैंपियनशिप में भी वो 51 किलोग्राम वर्ग में उतरी थी.

51 किलोग्राम वर्ग में उतरने के बारे में पूछे गए सवाल के बारे में मैरीकॉम कहती हैं, "मुझे अलग वर्ग में उतरने में कोई परेशानी नहीं हुई,मैं इस वजन में अच्छा महसूस कर रही हूं और सबसे अच्छी बात ये हैं कि एशियन चैपियनशिप के फाइनल में मैंने इस वर्ग की दो बार की विश्व चैंपियन को हराया."

मैरी कॉम कहती हैं कि लंदन ओलंपिक में खेलना उनके सपनों में आता है. मैरी कॉम कहती हैं, "भारत के लिए स्वर्ण जीतना ही मेरा लक्ष्य है और मैं इसके लिए कोशिश कर रही हूं. मैं पूरी तरह से आश्वस्त हूं और मैं अपने देश के लिए अपना सबसे बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार हूं. "

मैरीकॉम कहती हैं कि लंदन ओलंपिक के लिए उनकी तैयारियां पूरी नहीं हुई हैं और अब भी वो अपनी खामियों को दूर करने की कोशिश में लगी हुई हैं.

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