लंदन जाने वाले सबसे युवा बॉक्सर होंगे थापा

  • 11 अप्रैल 2012
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Image caption शिवा थापा अब स्वर्ण पदक के लिए गुरुवार को रिंग में उतरेंगे

दो और भारतीय मुक्केबाज़ों शिवा थापा और सुमित सांगवान ने लंदन ओलंपिक के लिए क्वालिफ़ाई कर लिया है मगर क्वालिफ़ाइंग प्रतियोगिता में स्वर्ण जीतने का विजेंदर का सपना टूट गया.

अट्ठारह वर्षीय थापा भारत की ओर से क्वालिफ़ाई करने वाले सबसे युवा मुक्केबाज़ हैं.

वैसे भारत को बुधवार को दो और झटके लगे जबकि परमजीत समोटा 91 किलोग्राम से ज़्यादा वज़न के वर्ग में और मनप्रीत सिंह 91 किलोग्राम के वर्ग में सेमीफ़ाइनल में हार गए.

कज़ाखस्तान के अस्ताना में 81 किलोग्राम वर्ग में सांगवान ने और 56 किलोग्राम वर्ग में थापा ने फ़ाइनल में जगह बनाई.

सुमित ने 2009 की एशियाई चैंपियनशिप के काँस्य पदक विजेता जॉर्डन के इहाब अल्मातदौलत को हराया.

सुमित ने 24-12 से जीत हासिल की और अब उनका कम से कम रजत पदक पक्का हो गया है.

इस तरह भारत के कुल सात मुक्केबाज़ों को ओलंपिक का टिकट मिल गया है. इससे पहले बीजिंग में भारत के पाँच मुक्केबाज़ ओलंपिक में उतरे थे.

फ़ाइनल

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Image caption सुमित सांगवान भारत की ओर से ओलंपिक का टिकट पाने वाले सातवें मुक्केबाज़ बने

शिवा थापा ने जापान के सातोशी शिमिज़ू को हराकर फ़ाइनल में जगह बनाई. युवा थापा का प्रदर्शन की काफ़ी सराहना हो रही है.

बीजिंग ओलंपिक के काँस्य पदक विजेता विजेंदर को 2011 के एशियाई चैंपियनशिप के काँस्य पदक विजेता तुर्कमेनिस्तान के नूरसाहात पाज्जियेव ने हराया.

वैसे विजेंदर इस प्रतियोगिता के सेमीफ़ाइनल में पहुँचने के साथ ही ओलंपिक की सीट पक्की कर चुके हैं.

परमजीत को 2007 की एशियाई चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता सीरिया के सोमार ग़ौसून ने 23-12 से हराया और उनका लंदन ओलंपिक का सपना टूट गया.

वहीं मनप्रीत सिंह को ईरान के अली मज़ाहेरी से हार का सामना करना पड़ा.

गुरुवार को थापा और सांगवान स्वर्ण जीतने की कोशिश करेंगे.

चार अन्य भारतीय मुक्केबाज़ एल देवेंद्रो सिंह, जय भगवान, मनोज कुमार और विकास कृष्ण पहले ही ओलंपिक की सीटें पक्की कर चुके हैं.

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