कम हो रही है आईपीएल की लोकप्रियता?

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Image caption आईपीएल के पांच साल के इतिहास में यह पहला मौका है जब कुल दर्शकों की संख्या में भी गिरावट आई है.

आमतौर पर मनोरंजन का 'पूरा पैकेज' मानी जाने वाली इंडियन प्रीमियर लीग इस बार दर्शकों को इतना नहीं भा रही. आईपीएल के पांचवें टूर्नामेंट के शुरूआती मैचों के दर्शकों की संख्या और टीवी रेटिंग में गिरावट आई है.

तो क्या यह माना जाए कि इस टूर्नामेंट की लोकप्रियता कम हो रही है? या फिर इस गिरावट की अन्य वजहें है?

टेलिविजन देखने वालों की जानकारी जुटाने वाली संस्था टेलिविडन ऑडियंस मेजरमेंट (टैम) के मुताबिक पहले छह मैचों में 'टेलीविजन व्यूअर रेटिंग्स' में 18.7 प्रतिशत की गिरावट आई है. आईपीएल के पिछले सत्र के औसत 4.63 के मुकाबले इस बार यह रेटिंग 3.76 है.

आईपीएल के पांच साल के इतिहास में यह पहला मौका है जब कुल दर्शकों की संख्या में भी गिरावट आई है.

पिछले साल आईपीएल के चार सत्र की सबसे कम टीवी रेटिंग रिकार्ड की गई थी और यह 2010 के मुकाबले 29 प्रतिशत कम थी. आयोजकों द्वारा ऐसे दावे किए गए थे कि यह इसलिए हुआ कि आईपीएल को किकेट विश्व कप के साथ कराया गया था.

यह कहना तो मुश्किल होगा कि चौके-छक्के और ग्लैमर से भरपूर क्रिकेट के इस रुप की लोकप्रियता कम हो रही है. तो फिर रेटिंग कम होने का आखिर क्या कारण हो सकता है?

क्रिकेटर और समीक्षक आकाश चोपड़ा का कहना है कि शुरुआत थोड़ी धीमी रही है लेकिन ऐसा नहीं है कि आईपीएल फलॉप रहा है.

उन्होंने बीबीसी को बताया, ''लोग मैदान पर तो आ रहे हैं, शायद उतना टीवी पर फॉलो नहीं कर रहे हैं. इसके कई कारण हो सकते हैं. सबसे बड़ा कारण है कि मैच इतने रोमांचक नहीं रहे हैं और एकतरफा रहे हैं. जबकि आईपीएल के करीबी मैच इसकी खासियत रहे हैं. ''

उन्होंने कहा, ''दूसरा कारण है चार बजे के मैच निरुत्साहित करने वाले रहे हैं. मैं यह देखना चाहूंगा कि रात के मैचों की और दिन के मैचों की अलग अलग क्या रेटिंग रही है. अगर ऐसा है कि लोग दोपहर के मैचों को कम पसंद कर रहे हैं तो यह एक आगे के लिए सबक हो सकता है.''

अधिक क्रिकेट

मैचों की अधिक संख्या को भी एक कारण माना जा रहा है. 'ईएसपीएन क्रिकइंफो' ने ब्रांड कंसल्टिंग कंपनी, ब्रांड कॉम के प्रमुख श्रीधर रामानुजम के हवाले से कहा कि समस्या यह है कि काफी अधिक मैच खेले जा रहे हैं. चार मैचों के 'प्ले ऑफ' से पहले नौ टीमों के बीच कुल 76 मैच खेले जाएंगे.

तो क्या बहुत अधिक क्रिकेट खेलना आईपीएल की लोकप्रियता कम कर रहा है? क्रिकेट प्रेमी और पेशे से वकील विकास चतरथ का मानना है, ''किसी भी चीज का बहुत अधिक होना खराब होता है. क्रिकेट का भी यही हाल है.''

कहीं भारतीय क्रिकेट का खराब दौर से गुजरना इस का कारण तो नहीं? पहले इंगलैंड, फिर ऑस्ट्रेलिया और उसके बाद एशिया कप में भारत के निराशाजनक प्रदर्शन को कौन भूला है?

इसके अलावा यह भी सच्चाई है कि आईपीएल से भारत के अधिकतर स्टार खिलाड़ी या तो कोई खास प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं या फिर खेल नहीं रहे हैं. युवराज बीमारी के कारण बाहर हैं तो सचिन तेंदुलकर भी उंगली की चोट के कारण कई मैच नहीं खेल पाए हैं.

वैसे आईपीएल में अभी शुरुआती दिन हैं. क्रिकेट को अनिश्चिताओं का खेल कहते हैं. कोई हैरानी नहीं होगी अगर आने वाले दिनों में फिर से क्रिकेट के प्रति वही 'क्रेज' देखने को मिले.

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