पैसे से कामयाबी नहीं खरीदी जा सकती: आकाश चोपड़ा

  • 6 मई 2012
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Image caption आईपीएल में कुछ सितारों का प्रदर्शन फीका रहा है. लेकिन कुछ कम मशहूर खिलाड़ी खूब चमके हैं.

बीबीसी हिंदी ने शनिवार शाम आठ से नौ बजे के बीच फ़ेसबुक पर आईपीएल में खिलाड़ियों की फ़ीस के मुकाबले प्रदर्शन के मुद्दे पर पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी आकाश चोपड़ा और अपने पाठकों के बीच एक चैट का आयोजन किया.

खिलाड़ियों की फ़ीस और प्रदर्शन के बारे में हमने एक विश्लेषण किया था जिसे पढ़कर लोगों की प्रतिक्रिया और प्रश्न मांगे गए थे.

पाठकों ने इस विषय पर तो सवाल पूछे ही लेकिन आईपीएल के बारे कई अन्य प्रश्न भी उठाए.

पाठक बीबीसी हिंदी के फ़ेसबुक पन्ने पर अपने सवाल लिख रहे थे और आकाश चोपड़ा उन्हें जवाब दे रहे थे.

कई लोगों ने पूछा कि क्या थकावट स्टार भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन को प्रभावित कर रही है?

इस सवाल का जवाब आकाश चोपड़ा ने यूं दिया, "थकावट एक वजह हो सकती है लेकिन जिसने पैसे लगाए हैं उसे तो नतीजे चाहिए. धोनी जैसे खिलाड़ी के चेहरे पर थकावट देखी जा सकती है. लेकिन ये पेशेवर क्रिकेट है और टीम मालिक शायद ही इस बात को समझें."

'पैसा प्रदर्शन की गांरटी नहीं'

सादिक आजमी का सुझाव था कि अच्छा प्रदर्शन ना करने वाले खिलाड़ियों की आधी फ़ीस काट ली जाए.

इस पर आकाश चोपड़ा जवाब दिया, "आपको कैसा लगेगा अगर आपकी तनख़्वाह बॉस ये कह कर आपको आधी दे कि आपने अच्छी तरह से काम नहीं किया. अगर आपको ये अच्छा नहीं लगेगा तो किसी को भी अच्छा नहीं लग सकता. खेल एक ऐसी चीज़ है जिसमें किसी चीज़ की गांरटी नहीं दी जा सकती. "

अजित मौर्या ने पूछा कि क्या टीम मालिक ये सोचते हैं कि मोटी रकम देकर वे अच्छा प्रदर्शन सुनिश्चित कर सकते हैं?

इस प्रश्न का आकाश चोपड़ा ने जवाब दिया, "कोई नहीं समझता की अच्छे पैसे बढ़िया प्रदर्शन की गांरटी है. सब जानते हैं कि खेलों में नतीजे का पूर्वानुमान लगाना संभव नहीं है. फिर भी आप खिलाड़ियों की साख पर उनकी कीमत लगाई जाती है. आपको सिर्फ़ उम्मीद होती है कि खिलाड़ी अच्छा करेगा. ये कुछ ऐसा है कि आप मंहगी गाड़ी खरीदें और उस वो जल्दी खराब हो जाए. आपने तो गाड़ी के बारे जानकारी इकट्ठी की थी. उसमें इसे अच्छा बताया गया था लेकिन अब ये खराब निकली. आप इसमें क्या कर सकते हैं."

संजय चौधरी ने फ़ेसबुक टिप्पणी की थी कि हर खिलाड़ी ये सोचता है कि दूसरा पारी को संभाल लेगा और इस तरह वो अपनी फ़ीस से इंसाफ़ नहीं कर पाते.

रिटायर खिलाड़ियों का प्रदर्शन

इसपर आकाश चोपड़ा का उत्तर था, "पैसे से कामयाबी नहीं खरीद सकते, इसलिए मोटी रकम के बदले रन नहीं बन सकते..मालिक ज़रुर सोचेंगे कि अगली बार इतना निवेश किया जाए...टी20 मैच काफ़ी उतार-चढ़ाव वाले होते हैं जिनकी नतीजे की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती."

विशाल तिवारी ने सौरभ गांगुली के बारे में पूछा कि वो क्यों फ़्लॉप हो रहे हैं?

इसका जवाब आकाश चोपड़ा ने ये दिया, "सौरव गांगुली के लिए ये बात तो सच है कि वे उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं लेकिन जब आप इतने लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहते हैं तो ऐसा हो जाता है. रिटायर हो चुके खिलाड़ियों में एडम गिलक्रिस्ट भी अच्छा नहीं कर रहे हैं. अगर आईपीएल में रिटायर हो चुके खिलाड़ी अच्छा ना करें तो इससे प्रतियोगिता की साख बढ़ती ही है. हालांकि ये एक बिडंबना ज़रुर है. "

मुकेश सिंह ने पूछा कि क्या आईपीएल के प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ी देश की वनडे और टेस्ट टीम में जगह बना सकते हैं?

आकाश चोपड़ा का जवाब था, "ये ठीक है कि आईपीएल से टेस्ट क्रिकेट और वनडे के बारे में पता नहीं चलता लेकिन टी20 के बारे में तो यही सही पैमाना है. अगर ये सोचा जाए कि आईपीएल अच्छा किया इसलिए टेस्ट खेल पाएंगे तो वो गलत है. यहां तक कि वनडे में भी आईपीएल के आधार चयन नहीं होना चाहिए. लेकिन टी20 के लिए तो यहां से खिलाड़ी चुने जा सकते हैं."

रहाणे भारतीय टीम में?

सादिक आजमी का सवाल था कि अजिंक्या रहाणे कब भारतीय टीम में शामिल होंगे और क्या शिखर धवन को भी मौका मिलेगा?

आकाश चोपड़ा का जवाब कुछ इस तरह था, "देखिए जहां तक अजिंक्या रहाणे की बात है तो उनका नंबर बहुत जल्दी ही भारतीय टीम में आने वाला है. शिखर धवन को भी मौका मिल चुका लेकिन वो इतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं. धवन ने प्रथम श्रेणी में भी अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था तो अगर वो टीम में नहीं हैं तो को ई दुख की बात नहीं."

नरपत सिंह ने पूछा कि राजस्थान की क्रिकेट टीम ने हाल के वर्षों में दो बार रणजी ट्रॉफ़ी जीती है लेकिन इस टीम खिलाड़ी आईपीएल में नजर नहीं आ रहे, इसकी क्या वजह है?

आकाश चोपड़ा ने इसके जवाब में कहा, "राजस्थान रणजी ट्रॉफी के कुछ खिलाड़ी आईपीएल में है. ये टीम दो बार रणजी ट्रॉफ़ी जीत चुकी है लेकिन वो चार दिनों के मैच होते हैं. चार दिन में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी ज़रुरी नहीं की आईपीएल के टी20 मैचों में भी अच्छा खेलें."

कम पैसे में बेहतर प्रदर्शन

बाबू जांगिड़ जानना चाहते थे कि अंबाती रायुडू, अजिंक्या रहाणे और अशोक ढिंढा कब टीम इंडिया में अपनी जगह पक्की कर पाएंगे.

इस प्रश्न का आकाश चोपड़ा ने कुछ ये जवाब दिया, "देखिए अंजिक्या रहाणे आने वाले समय में खेलेंगे टीम इंडिया के लिए. अशोक ढिंढा पहले से ही इंडिया टीम में है. रायुडू शायद इस वक्त लगातार इतना अच्छा नहीं खेल रहे है. और भारतीय मध्यम क्रम में जगह भी नहीं है. रहाणे और अशोक ढिंढा का टीम में आना तो तय है. "

स्नेहा पांडे का प्रश्न भी पैसे और प्रदर्शन के बीच संबंध पर था.

स्नेहा पांडे को आकाश ने ये उत्तर दिया, "देखिए ज़रुरी नहीं है कि ज्यादा पैसे का अर्थ अच्छा प्रदर्शन तो बिल्कुल नहीं है. और कई बार आपको कम पैसे में अच्छे खिलाड़ी भी तो मिलते हैं. दिल्ली के शहबाज नदीम को लीजिए. ये कम पैसे में लिए गए हैं लेकिन बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं. साथ ही सहवाग पिछली बार अच्छे नहीं चले थे और इस बार धड़ल्ले से रन बना रहे हैं. तो ये एक किस्म का जुआ है...आपको कभी पता नही चल सकता कि पासा किस तरफ पलटेगा."

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