बड़े कप्तान से अहम,अच्छा लीडर होना: गंभीर

  • 31 मई 2012
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Image caption किस्सा-ए- कप्तान: गंभीर का मानना है कि बड़ा कप्तान होने से जरुरी है, अच्छा लीडर होना

अपनी अगुआई में कोलकाता नाइटराइडर्स को आईपीएल का खिताब दिलाने वाले गौतम गंभीर ने कहा है कि मैदान के अंदर कप्तानी से अहम है, मैदान के बाहर एक अच्छा लीडर होना.

कई जानकारों के मुताबिक गंभीर ने खुद को एक सुलझे हुए कप्तान के रूप में पेश किया है. लेकिन बांए हाथ के इस ओपनर की कप्तानी के बारे में राय कुछ अलग है.

बीबीसी से बातचीत में गंभीर ने कहा, “कप्तान और लीडर में फर्क होता है. किसी भी टीम को बनाने के लिए लीडर होना महत्वपूर्ण है. आप मैदान के बाहर जैसी लीडरशिप करते हैं, उसका अस्क मैदान पर दिखाई देता है.”

इससे पहले दिल्ली डेयरडेविल्स की कमान संभाल चुके गंभीर ने कहा, “मैदान पर कप्तानी काफी आसान है. आप ने बॉलिंग बदल दी, बैटिंग आर्डर बदल दिया. लेकिन जो चीजें मैदान के बाहर होती हैं, वही पूरी टीम ग्राउंड के अंदर ले कर जाती है. इसलिए किसी भी कप्तान के लिए अहम है कि वह बाहर टीम को कैसे संभालता है.”

कोलकाता का प्यार

टी-20 और वनडे विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रहे गंभीर ने कहा कि वह आईपीएल के खिताब की किसी से तुलना नहीं करना चाहते. यकीनन विश्व कप पूरे देश के लिए था. लेकिन आईपीएल चैंपियन बनना कोलकाता के लोगों के लिए बड़ी उपलब्धि हासिल करना है. क्योंकि जिस तरह का समर्थन और प्यार इस शहर के लोगों ने दिया, वे इस खिताब के हकदार हैं.

गंभीर ने कहा, “ ममता दीदी (मुख्यमंत्री ममता बनर्जी) ने मुझसे बोलने को कहा था तो मैंने यही कहा कि बंगाल भी ठीक ऐसे ही बढ़े, जैसी केकेआर ने प्रगति की है. हम सभी एक साथ बढ़ें. यह केवल केकेआर के बारे में ही नहीं है बल्कि पूरे बंगाल के बारे में है. मैं चाहूंगा कि यहां के लोग किसी एक स्टार की पूजा करने की बजाय पूरे राज्य के बारे में सोचें.”

उन्होंने कहा कि वह कोलकाता में टीम के भव्य स्वागत से काफी खुश है. पिछले एक साल के दौरान टीम को कोलकाता से जबरदस्त समर्थन मिला है.

उन्होंने हमेशा ही कहा है कि वह कोलकाता के लोगों के लिए ही खेलना चाहते थे. क्योंकि टीम के समर्थकों ने खराब दिन भी देखे हैं. टीम पहले तीन सत्र कुछ नहीं कर पाई थी.

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