मैं अभी रिटायर नहीं हो रहा: आनंद

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पाँचवी बार चेस विश्व चैंपियनशिप जीतने वाले भारतीय खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद ने कहा है कि चेस से रिटायर होने का उनका कोई इरादा नहीं है.

चेन्नई में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए आनंद ने कहा, “मैं अभी रिटायर नहीं हो रहा हूँ. बल्कि इसका उल्टा है. पाँचवी बार विश्व चैंपियन बनने के बाद तो मैं और भी चेस खेलना चाहता हूँ. मैं खेल का आनंद उठा रहा हूँ, मैं खेलना क्यों छोडूँ ? मॉस्को जीत ने मेरा हौसला और बढ़ा दिया है. इस महीने के अंत में ही मेरी एक प्रतियोगिता है.”

विश्वानाथन आनंद कुछ दिन पहले मॉस्को में इसराइल के बोरिस गेलफैंड को टाईब्रेकर में हरा कर वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप बने थे.

विश्व चैंपियन बनने के बाद आनंद शनिवार रात को भारत लौटे. चेन्नई हवाईअड्डे पर लोगों ने उनका ज़ोरदार स्वागत किया.

'पत्नी का अहम योगदान'

दरअसल पूर्व चेस चैंपियन गैरी कास्परोव लगातार आनंद की आलोचना करते हैं और कहते आए हैं कि उन्हें खेलना बंद कर देना चाहिए.

जब उनसे कास्परोव की आलोचना के बारे में पूछा गया तो आनंद ने अपने ही अंदाज में यूँ जवाब दिया, “कास्परोव 2005 में रियाटर हो गए थे, 2011 से ही वे मुझे रिटायर करने की कोशिश में लगे हुए हैं. वे पिछले साल मेरे रिटायर होने की बात करते रहे. कम से कम उन्हें मुझसे पूछ तो लेना चाहिए था क्योंकि मैं उन्हें निराश करने वाला हूँ. ऐसा लगता है कि कास्परोव को चेस छोड़ने का अफसोस है. उन पर जो ध्यान पहले केंद्रित रहता था, वे उस चीज़ की कमी महसूस करते हैं. शायद उन्हें दोबारा खेलना शुरु करना होगा.”

भारत रत्न दिए जाने पर आनंद बस इतना बोले कि वे अपने लिए कोई अभियान नहीं चलाना चाहते.

आनंद ने चेस के साथ-साथ अपने निजी जीवन पर भी बात की. आनंद ने कहा कि जब भी समय मिलता है तो वे अच्छे खिलाड़ी होने के साथ-साथ अच्छे पिता की भूमिका निभाने की भी कोशिश करते हैं.

करियर में सफलता में पत्नी अरुणा के योगदान पर आनंद बोले, “जब अरुणा की शादी हुई थी तो वो चेस के बारे में कुछ भी नहीं जानती थी. लेकिन आज वो मेरी हर चीज का ध्यान रखती है, जब जरूरत होती है तो मेरा हौसला बढ़ाती है. उन्हें पता है कि मुझे कौन सी बात बोलनी है और कौन सी नहीं. उनका बड़ा योगदान है.”

उन्होंने कहा कि मैचों के दौरान वे अखबारों और मीडिया में अपने बारे में खबरें कम ही पढ़ते हैं.

अपनी जीत और भारत लौटने पर मीडिया की प्रतिक्रिया पर आनंद का कहना था, “अगर आप सार्वजनिक हस्ती हैं तो आपको मोटी चमड़ी का होना पड़ता है. वैसे भी कई बार विश्व चैंपियन बनने के बाद ऐसा होना स्वभाविक है कि लोग आपको देखकर थोड़ा ऊब जाते हैं. मुझे कोई शिकायत नहीं है.”

पाँचवी बार विश्व चैंपियन बनने पर आनंद ने कहा कि हर खिताब उनके लिए अहम होता है और वे चौथी बार जीत रहे हैं या पाँचवी बार इससे कोई फर्क नहीं पड़ता.

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