अपमानजनक तरीके से मेरा इस्तेमाल हुआ: सानिया

  • 27 जून 2012
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Image caption सानिया ने भूपति के साथ फ्रेंच ओपन जीता था

एक ओर जहाँ टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा ने ओलंपिक में वाइल्ड कार्ड मिलने पर खुशी जताई है वहीं उन्होंने भारतीय टेनिस में चल रहे विवाद और उनसे हुए बर्ताव पर लिएंडर पेस, महेश भूपति और टेनिस फेडरेशन को जमकर लताड़ा है.

ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन ने कुछ दिन पहले घोषणा की थी कि मिक्सड डबल्स में सानिया के साथ लिएंडर खेलेंगे हालांकि सानिया और भूपति साथ-साथ खेलते आ रहे हैं.

सानिया ने एक बयान के जरिए टेनिस एसोसिएशन पर निशाना कसते हुए कहा, "21वीं सदी की एक भारतीय महिला होने के हाते मैं बेहद हताश हूँ कि जिस अपमानजनक तरीके से मेरा इस्तेमाल एक नाराज टेनिस सुपरस्टार को मनाने के लिए किया गया. मुझे गर्व है कि पेस के साथ खेलने के लिए मुझे चुना गया लेकिन जिस तरह और जिस समय ये घोषणा की गई उससे पुरुषवादी रवैये की बू आ रही है."

उनका कहना था, "एक पुरुष टेनिस खिलाड़ी को खुश करने के लिए भारत की नंबर एक महिला टेनिस खिलाड़ी को बतौर मुआवजा पेश किया गया ताकि वो पुरुष खिलाड़ी पुरुष डबल्स में ऐसे प्लेयर के साथ खेलने के लिए राजी हो जाए जिसके साथ वो खेलना नहीं चाहता. इस तरह नारीत्व के अपमान की निंदा की जानी चाहिए फिर चाहे ये काम देश की सर्वोच्च टेनिस एसोसिएशन का हो."

भूपति ने नहीं निभाया साथ

सानिया ने अपने दोस्त और टेनिस कोर्ट पर पार्नटर महेश भूपति को भी नहीं बख्शा.

सानिया का कहना था," महेश भूपति ने अपना वादा निभाया कि वे अपने डबल्स पार्टनर रोहन बोपन्ना के साथ खेलेंगे क्योंकि उन्हें लगता था कि भारत के लिए यही अच्छा है. लेकिन इस प्रक्रिया में भूपति ने उस वचनबद्धता को ताक पर रख दिया जिसमें उन्होंने मुझसे कहा था कि वो मेरे साथ खेलेंगे और ओलंपिक पदक जीतने की कोशिश करेंगे. हर व्यक्ति की अपनी प्राथमिकताएँ होती है और यही मान कर चल रही हूँ कि महेश ने देश हित में फैसला किया."

ओलंपिक के पुरुष डबल्स में खेलने के लिए भारत की ओर से भूपति-बोपन्ना और पेस-विष्णुवर्धन की जोड़ी चुनी गई है.

लिएंडर भी निशाने पर

इस पूरे प्रकरण में सानिया ने लिएंडर पेस को भी निशाने पर लिया. उन्होंने कहा," लिएंडर का ये कहना कि वे विष्णु के साथ ओलंपिक में खेलने के बारे में तभी सोच सकते हैं अगर मेरी तरफ से लिखित आश्वासन मिलेगा कि मैं उनके साथ मिक्सड डबल्स खेलूँगी...ये मेरे, विष्णु और पेस तीनों की प्रतिष्ठा को शोभा नहीं देता."

सानिया का कहना था कि उन्होंने विष्णु के साथ मिलकर एशियन खेलों में पदक जीता था जब भारतीय टेनिस के तीनों बड़े पुरुष खिलाड़ियों ने एशियन खेलों में हिस्सा लेने से मना कर दिया था और अगर पेस जैसे खिलाड़ी का साथ मिले तो विष्णु और अच्छा कर सकते है.

पदक जीतने की कोशिश

सानिया ने लिएंडर पेस के पिता पर भी अपने बयान में टिप्पणी की है. सानिया ने लिखा है,"डॉक्टर पेस ने टीवी पर कहा था कि मैं ओलंपिक मिक्सड डबल्स में पेस के साथ खेलने की बात पर लिखित में दूँ. मैं ये कहना चाहूंगी कि मेरी निष्ठा देश के प्रति है. भारत के खातिर में पेस या भूपति या बोपन्ना या सोमदेव या विष्णु के साथ खेलने के लिए वचनबद्ध हूँ. इस बारे में कोई सवाल ही नहीं उठना चाहिए हालांकि पूछे जाने पर मैं अपनी पसंद बता सकती हूँ."

महेश भूपति और रोहन बोपन्ना दोनों ने ओलंपिक में लिएंडर के साथ खेलने के लिए मना कर दिया था जबकि पेस का कहना था कि उन्हें किसी जूनियर खिलाड़ी के साथ खेलने पर मजबूर करना गलत है.

सानिया ने कहा कि जिस खेल से वे इतना प्यार करती हैं, भारत में उसे लेकर हुए घटनाक्रम और मुझ पर आए दबाव से मैं दुखी हूँ.

उन्होंने कहा कि इस सबके बावजूद वे पूरी कोशिश करेंगी कि भारत के लिए पदक जीत सकें.

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