चीफ जस्टिस करें फिक्सिंग की जांच: बट

  • 29 जून 2012
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Image caption सलमान बट् ने कहा कि के क्रिकेट में भ्रष्टाचार के आरोपों में उनके साथ न्याय नहीं हुआ है

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सलमान बट ने देश के चीफ जस्टिस से स्पॉट फिक्सिंग मामले की जांच करने की गुहार लगाई है.

स्पॉट फिक्सिंग में फंसने और जेल की सजा भुगतने के बाद पहली बार संवाददाता सम्मेलन में बट ने कहा कि पाकिस्तान की न्याय प्रणाली खुद इस मामले को देखे और दुनिया को बताएं कि किसने क्या किया और कौन दोषी है.

बट ने कहा, “मैंने उन दोनों को नो बॉल डालने को कभी नहीं कहा और कभी वकार भाई से भी नहीं कहा कि मैंने उन्हें नो बॉल डालने को कहा था. आमिर ने मुझ से कहा था कि वह बाउंसर करवाना चाहता है क्योंकि जॉनाथन ट्रॉट उस को चल-चल कर मार रहा था.”

बट ने आगे कहा, “अगर आप लोग उस मैच की क्लिप देखें तो साफ दिखाई देगा कि जो गेंद नो बॉल दी गई थी वो गेंद ट्रॉट की बाजू पर लगी है. इससे ठीक पहले जो फील्डिंग चेंज हुई है वह स्वाभाविक थी क्योंकि आमिर ने बांउसर डालनी थी.”

नो बॉल का पता न था

बट ने दावा किया कि उन्हें मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमिर की नो बॉल के बारे में पहले से कुछ पता नहीं था.

बट ने कहा कि निशान लगे 2500 पाउंड उसे आइसक्रीम पॉर्लर के लिए दिए गए थे.

उन्होंने आरोप लगाया कि नो बॉल फेंकने की साजिश बुकी मजहर माजिद और आमिर ने रची थी.

बट ने कोर्ट में पेश दस्तावेजों का हवाला भी दिया जिनमें से एक में मजहर और आमिर के बीच 9000 एसएमएस का जिक्र है. लेकिन इनमें कहीं भी उनका नाम नहीं लिया गया.

न्याय नहीं

बट ने कहा कि क्रिकेट में भ्रष्टाचार के आरोपों में उनके साथ न्याय नहीं हुआ है. उन्होंने इस मामले में पाकिस्तान में खुला मुकदमा चलाए जाने की गुहार लगाई है.

पिछले सप्ताह पाकिस्तान लौटे 27 साल के बट ने कहा, “आप सबूतों को देख कर अंदाजा लगा सकते हैं कि मेरे साथ न्याय नहीं हुआ.

2010 में इंगलैंड के खिलाफ सिरीज के दौरान अपने दो गेंदबाजों मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमिर से जानबूझकर नो बॉल फिंकवाने के आरोप में ब्रितानी अदालत ने जेल की सजा सुनाई थी.

इस कारण बट के खेलने पर लंबा प्रतिबंध लगाया जा चुका है.

स्पॉट फिक्सिंग का ये मामला उस समय सामने आया जब न्यूज ऑफ द वर्ल्ड के अंडरकवर पत्रकार ने स्पोर्ट्स एजेंट मजहर मजीद से संपर्क किया. मजीद ने उन्हें भरोसा दिलाया कि आसिफ और आमिर एक खास समय पर तीन नो बॉल फेंकेंगे.

अदालत ने बट को धोखेबाज़ी और भ्रष्ट तरीक़े से पैसे लेने के षडयंत्र का दोषी पाया था जबकि आसिफ़ को सिर्फ़ धोखाधड़ी के षडयंत्र का दोषी करार दिया गया था.

खिलाड़ियों के एजेंट मज़हर माजिद को सबसे अधिक, दो साल आठ महीने की सज़ा सुनाई गई थी.

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