फिक्सिंग मामले में पाँच क्रिकेटरों पर पाबंदी

सुधींद्र, मोहनीश, अभिनव, अमित यादव और शलभ श्रीवास्तव इमेज कॉपीरइट pti
Image caption बीसीसीआई की अनुशासनात्मक समिति ने यह फैसला किया

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में फिक्सिंग मामले में एक टीवी चैनल के स्टिंग ऑपरेशन के बाद खिलाड़ियों पर पाबंदी की घोषणा की है.

टी सुधींद्र पर आजीवन पाबंदी लगाई है, जबकि शलभ श्रीवास्तव पर पाँच साल का प्रतिबंध लगाया गया है. मोहनीश मिश्रा, अमित यादव और अभिनव बाली पर एक साल की पाबंदी लगाई है.

बीसीसीआई की अनुशासनात्मक समिति ने यह फैसला किया है. इस समिति में बीसीसीआई के अध्यक्ष एन श्रीनिवासन और दो उपाध्यक्ष अरुण जेटली और निरंजन शाह शामिल थे.

इस मामले की जाँच रवि सवानी ने की थी और उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही इस अनुशासनात्मक समिति ने पाबंदी की घोषणा की है. बीसीसीआई के सचिव संजय जगदाले ने प्रेस रिलीज में ये जानकारी दी है.

अनुशासनात्मक समिति ने टेलिकॉन्फ्रेंसिंग के जरिए खिलाड़ियों का पक्ष भी सुना.

फैसला

समिति ने टी सुधींद्र को एक घरेलू क्रिकेट मैच फिक्सिंग करने के लिए पैसे लेने का दोषी पाया. इस कारण उन पर आजीवन पाबंदी लगाने का फैसला किया गया.

शलभ श्रीवास्तव को मैच फिक्स करने के लिए सहमत होने और फिक्सिंग की शर्तों पर बातचीत करने का दोषी पाया गया. हालाँकि वास्तव में कोई मैच फिक्सिंग या स्पॉट फिक्सिंग नहीं हुई.

अनुशासनात्मक समिति ने उन पर पाँच साल की पाबंदी लगाई. तीन अन्य खिलाड़ियों को फिक्सिंग को लेकर अनाप-शनाप बोलने और क्रिकेट का अपमान करने का दोषी पाया गया.

एक भारतीय टीवी चैनल ने स्टिंग आपरेशन कर आईपीएल में खिलाड़ियों, आयोजकों, मालिकों और खेल के बड़े नामों के बीच जारी 'घोटालों' का भांडाफोड़ करने का दावा किया था.

चैनल के मुताबिक स्टिंग आपरेशन के दौरान कई खिलाड़ियों ने स्वीकार किया है कि उन्हें नीलामी में जाहिर की गई बोली से कहीं अधिक पैसे मिलते हैं.

स्टिंग में ये बात सामने आई कि केवल आईपीएल नहीं बल्कि पहले दर्जे के मैचों में भी 'फिक्सिंग' हो रही है.

उस समय बीसीसीईआई के प्रमुख एन श्रीनिवासन ने कहा था कि बीसीसीआई इस स्टिंग आपरेशन का टेप हासिल करेगी और इसकी जांच के बाद जो लोग भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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