विंबलडन डायरी: बाएं हत्थे खिलाड़ी

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Image caption विंबल्डन में भाग लेने वाले 128 पुरुषों में से सिर्फ 17 बाँए हाथ से टेनिस खेलते हैं.

इस बार सेमीफ़ाइनल में पहुँचने वाली महिलाओं में सिर्फ एक एंजलीक कर्बर ही बाएं हत्थी हैं. विंबल्डन में भाग लेने वाले 128 पुरुषों में से सिर्फ 17 बाँए हाथ से टेनिस खेलते हैं. महिलाओं में यह संख्या और कम यानि 15 है.

विंबल्डन में जो अब तक लेफ़्टी चैंम्पियन हुए हैं उनमें रॉड लेवर,जॉन मेकनरो,जिमी कॉनर्स, गोरान इवानिसेविच और रफ़ेल नडाल के नाम शामिल हैं.जबकि महिलाओं में एन जोंस,मार्टीना नवरातिलोवा और पेटरा क्वीटोवा बांए हत्थी चैंम्पियन रही हैं.

टेनिस पंडितों का कहना है कि खब्बू टेनिस खिलाड़ियों की सर्विस अक्सर दांए हाथ से खेलने वालों के बैक हैंड के ऐसे कोण पर पड़ती है जहाँ से उसे लौटा पाना बहुत मुश्किल होता है.

ब्रिटेन में इस समय कुल जनसंख्या के 13 फ़ीसदी पुरुष बाँए हत्थे हैं जब कि 11 फीसदी महिलाएं बांए हाथ से काम करना पसंद करती हैं.

आजकल बांए हत्थे लोगों की तादाद बढ़ रही है क्योंकि स्कूल अब बांए हत्थे बच्चों को दांए हत्था बनाने के लिए मजबूर नहीं कर रहे.बहुत कम लोगों को पता है कि बांए हत्थे नडाल वास्तव में पहले दांए हत्थे हुआ करते थे.

भारत में इस तरह का सिर्फ एक ही उदाहरण सामने मिलता है. महान क्रिकेटर लाला अमरनाथ अपने दांए हाथ से खेलने वाले पुत्र सुरेंद्र अमरनाथ को आकर्षक बल्लेबाज बनाने के लिए उनका हाथ बांध कर उनसे बांए हाथ से अभ्यास कराया करते थे.सुरेद्र अमरनाथ न सिर्फ एक अच्छे बांए हत्थे बल्लेबाज़ बने बल्कि उन्होंने भी अपने पिता की तरह अपने पहले टेस्ट में शतक लगाया.

मरे का मूड

डेविड फ़रेर को हराने के बाद आमतौर से चुप रहने वाले एंडी मरे कुछ बात करने के मूड में दिखाई दिए. उन्होंने बताया कि जब वह टेनिस नहीं खेल रहे होते हैं तो संगीत सुनते हैं.

सिलिच के खिलाफ बारिश की वजह से जैसे ही उनका खेल रुका, वह कोर्ट में मंडराने के बजाए अपने घर चले गए और अपने एक दोस्त के साथ एक घंटे तक प्ले स्टेशन खेलते रहे.

मरे कहते हैं कि हर समय खेल पर ध्यान केंद्रित करने से बिना वजह तनाव बढ़ता है.

सिलिच के खिलाफ नंबर एक कोर्ट पर उनके खेलने से पूरे ब्रिटेन में बवाल मचा हुआ है. लोग कह रहे हैं कि उनकी लोकप्रियता को देखते हुए उनके सारे मैच सेंटर कोर्ट पर होने चाहिए. लेकिन मरे का कहना है कि उन्हें कोर्ट नंबर एक पर खेलने से कोई शिकायत नहीं है.

हर खिलाड़ी को सेंटर कोर्ट पर खेलने का मौका मिलना चाहिए. इस बीच ब्रिटेन के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी जॉन लॉयड ने कहा है कि सेंटर कोर्ट की तरह कोर्ट नंबर एक पर भी फ़ोल्डिंग छत लगानी चाहिए ताकि बारिश के दौरान वहाँ पर भी खेल जारी रह सके.

फेडरर का दबदबा

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Image caption मिखाइल यूज़नी के खिलाफ मैच में रोजर फ़ेडेरर का दबदबा था.

मिखाइल यूज़नी के खिलाफ मैच में रोजर फ़ेडेरर का इतना दबदबा था कि यूज़नी ने रॉयल बॉक्स की तरफ मुड़ कर उनसे मदद की गुहार कर डाली.उस समय राजकुमार विलियम्स के साथ साथ स्टेफ़ी ग्राफ़, आंद्रे अगासी और रॉड लेवर यह मैच देख रहे थे.

मैच के बाद फ़ेडेरर ने कहा कि राजघराने और टेनिस के महान खिलाड़ियों के मैच देखने आने से उन्हें प्रेरणा मिलती है और वह अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाने के लिए तत्पर होते हैं.

1922 से ही रॉयल बॉक्स में टेनिस मैच देखने के लिए विशिष्ट लोगों को आमंत्रित किया जाता रहा है.

इस बॉक्स में कुल 74 सीटें हैं. यहाँ पर मैच देखने वालों के लिए ड्रेस कोड है. मसलन यहाँ बैठ कर आप जीन्स,टीशर्ट या शार्ट्स पहन कर खेल नहीं देख सकते. महिलाओं से भी कहा जाता है कि वह मैच के दौरान हैट न पहनें ताकि पीछे बैठने वालों को खेल देखने में कोई बाधा न आए.

2003 में क्लब की अध्यक्षा डचेस ऑफ़ केंट की पहल पर यह प्रथा खत्म कर दी गई कि खिलाड़ी कोर्ट में घुसने या बाहर जाने से पहले राजघराने के लोगों के सामने अपना सिर झुकाएंगे. सिर्फ दो लोगों की उपस्थिति में यह नियम लागू नहीं होता..... महारानी एलिज़ाबेथ और राज कुमार चार्ल्स.

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