ओलंपिक: पदकों की संभावना पर पूर्व ओलंपियन

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Image caption पूर्व ओलंपियन रमेश कृष्णन को टेनिस टीम से डबल्स में बेहतर करने की उम्मीदें हैं.

रमेश कृष्णन (टेनिस)

विवादों के साथ लंदन गई ओलंपिक टीम से काफी उम्मीदें लगाई जा रही हैं. पुरुष डबल्स में दो टीमें भेजी गई हैं.

1992 बार्सिलोना ओलंपिक में खेले रमेश कृष्णन ने कहा, “पुरुषों के डबल्स और मिक्स्ड डबल्स में भारत का अच्छा चांस है.”

उन्होंने कहा कि लिएंडर का यह छठा ओलंपिक है और उन्होंने साल की शुरुआत काफी अच्छे ढंग से की है. उनका फॉर्म काफी अच्छा है. जबकि महेश भूपति का डबल्स और मिक्स्ड डबल्स का रिकॉर्ड काफी अच्छा है.

महेश ने पेस के साथ खेलने से इनकार कर दिया था और इसे लेकर काफी विवाद हुआ.

रमेश कृष्णन ने कहा कि दोनों ही लंबे अर्से से अलग-अलग पार्टनर के साथ खेल रहे हैं, रोहन बोपन्ना इन दोनों के मुकाबले काफी युवा है लेकिन वह पिछले दो-तीन साल से काफी अच्छा कर रहे हैं.

एम के कौशिक ( हॉकी)

Image caption पूर्व कोच एम के कौशिक को लगता है कि लंदन ओलंपिक हॉकी टीम का आक्रामक खेलना नुकसान भरा हो सकता है

पूर्व राष्ट्रीय कोच एमके कौशिक की नजर में ओलंपिक में हॉकी की संभावनाएं उसकी पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने की क्षमता पर निर्भर करेंगी.

मॉस्को ओलंपिक की स्वर्ण पदक विजेता टीम के सदस्य रहे कौशिक ने कहा, “टीम की पेनल्टी कॉर्नर को बदलने की क्षमता 60-70 फीसदी हुई है. टीम हाल ही में इंग्लैंड में खेली थी. वहां भी यह औसत काफी अच्छा रहा था. इस आधार पर मैं टीम के बेहतर करने की उम्मीद कर रहा हूं.”

उन्होंने कहा, “बेशक टीम आक्रामक हॉकी खेल रही है लेकिन वह जवाबी हमले करने में काफी कमजोर है. जर्मनी जैसी टीमें बेहद अनुशासित और योजनाबद्ध ढंग से फारवर्ड और डिफेंस में खेलती है. जबकि आक्रामक खेलने के कारण भारत की डिफेंस कमजोर हो जाती है.”

कौशिक ने कहा कि ओलंपिक क्वालिफायर के आधार पर टीम को आंकना गलत होगा क्योंकि इसमें कमजोर टीमें थीं.

राजकुमार सांगवान (पूर्व बॉक्सर)

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Image caption भारतीय बॉक्सिंग टीम से इस बार लंदन ओलंपिक में कई मेडल जीतने की उम्मीद की जा रही है

दो बार के एशियन गोल्ड मेडल विजेता बॉक्सर राजकुमार सांगवान इस बार ओलंपिक में मेडल की संभावना को लेकर आशावान हैं.

1992 बार्सिलोना ओलंपिक में खेले राजकुमार ने कहा, “इस बार ओलंपिक में सात बॉक्सर हैं. महिला वर्ग में भी एक बॉक्सर है. यह भारत के लिए बड़ी बात है. इससे पहले बॉक्सर ओलंपिक में सिर्फ हिस्सा लेने के लिए ही जाते थे. लेकिन इस बार मेडल जीतने की बात हो रही है.”

हालांकि राजकुमार ने कहा कि हर बार की तरह किस्मत भी सबसे बड़ा पहलू होगी.

उन्होंने कहा, “बहुत कुछ ड्रॉ पर भी निर्भर करता है. यदि आपका लक अच्छा है तो सब ठीक हो जाएगा. ड्रॉ देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि बॉक्सर किस मेडल तक जा सकता है.”

राजकुमार ने कहा कि वह तीन बॉक्सरों पर ज्यादा उम्मीद लगाए बैठे हैं. विकास कृष्ण यादव, सुमित सांगवान और देवेंद्रो सिंह युवा बॉक्सर हैं. यह सभी काफी समय से बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं.

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