क्या खाते हैं ओलंपिक खिलाड़ी ?

  • 21 जुलाई 2012
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ओलंपिक में मेडल जीतने के सपने लिए लंदन पहुंचे अलग-अलग देशों के खिलाड़ी अभ्यास सत्रों में जमकर पसीना बहा रहें है और तरह-तरह के टोटके भी अपना रहे हैं. वो इसलिए, क्योंकि कोई भी बिना पदक लिए वापस नहीं जाना चाहता.

खेलों के महाकुंभ में पहुंची ब्राजील की टीम विदेशी माहौल में देसीपन लाने के लिए अपने साथ विश्व विख्यात ब्राजीली शेफ लाई है.

पुरस्कृत शेफ रोबर्टा सडब्राक और उनका दल ब्राजीली खिलाड़ियों के लिए देसी खाना बनाएगा ताकि उन्हें घर की कमीं ना महसूस हो और पर्याप्त पोषण भी मिले.

रियो डी जेनेरो में स्थित सडब्राक का रेस्त्रा हाल ही में विश्व के 100 सबसे अच्छे रेस्त्रां की सूची में शामिल हुआ.

लंदन आई कई अन्य टीमें भी खाने पीने को लेकर विशेष सतर्कता बरत रही हैं. उनका मानना है कि खिलाड़ी खाएंगे-पीएंगे तभी तो अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे.

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Image caption किसी खेल में जीत के लिए खिलाड़ियों की मेहनत जितनी जरूरी है उतना ही जरूरी होता है उनका भोजन भी.

कुछ रोज पहले ही कजाखिस्तान की टीम ने खिलाड़ियों के लिए घोड़े का मांस परोसे जाने की मांग की थी. घोड़े का मांस कजाखिस्तान के खान-पान का अहम हिस्सा माना जाता है.

कजाखिस्तान दल के सदस्य मानते है कि घोड़े के मांस से खिलाड़ियों को बेशुमार ताकत मिलेगी.

संतुलित आहार

किसी खेल में जीत के लिए खिलाड़ियों की मेहनत जितनी जरूरी है उतना ही जरूरी होता है उनका भोजन भी, और बात जब खेलों के महाकुंभ ओलंपिक की हो, तो कोई लापरवाही का खतरा मोल नहीं लेना चाहता.

ब्राजील के शेफ रोबर्टा सडब्राक अपने खिलाड़ियों को बीफ, फरोफा, चिकन और झींगे से बने पकवान परोसेंगे.

खिलाड़ियों को ब्राजील के पारंपरिक भोजन राजमा-चावल, पुडिंग और फल नियमित तौर पर दिए जाएंगे.

शेफ सडब्राक ने कहा, “हम हर रोज़ बहुत सादा और अच्छा खाना देंगे, जो तकनीकि मापदंडों पर बिल्कुल खरा उतरेगा और गृह निर्मित होगा. खाना जितना घरेलु हो उसका स्वाद उतना लजीज होगा.”

उन्होंने कहा, “हम ‘घर से दूर घर’ की सोच से खाना बनाते है, क्योकि जब आप बाहर होते हैं तो आपको मां और दादी मां की याद आती है.”

शेफ सडब्राक के दल में ब्रितानी और ब्राजीली रसोइए काम कर रहे है. खिलाड़ियों के आहार का प्रकार जानने के लिए शेफ की टीम एक सप्ताह तक खिलाड़ियो के साथ रही.

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