लंदन ओलंपिक: खेलों के महाकुंभ की रंगारंग शुरुआत

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लंदन के ओलंपिक पार्क स्टेडियम में हुए उद्धाटन समारोह में ब्रिटेन की महारानी ने ओलंपिक 2012 का शुभारंभ किया और कई युवा एथलीटों ने दस्तूर के मुताबिक ओलंपिक ज्वाला को प्रज्वलित किया.

चार वर्ष पूर्व बीजिंग में आयोजित ओलंपिक का मुख्य आकर्षण अगर उसकी भव्यता थी तो वर्ष 2012 के लंदन ओलंपिक की खासियत उसकी कहानी थी.

लंदन ओलंपिक के शुरुआती समारोह की झलकियाँ

लंदन के ओलंपिक पार्क स्टेडियम में भारतीय समयानुसार शुक्रवार देर रात उद्घाटन समारोह शुरु हुआ और साढ़े तीन घंटे तक शनिवार तड़के तक चला. इस दौरान ब्रितानी संस्कृति की विभिन्न झलकियां दिखाई गईं.

सबसे पहले 'टूर डी फ्रांस' प्रतियोगिता के पहले ब्रितानी विजेता ब्रैडली विग्गिन्स ने घंटा बजाकर उद्धाटन समारोह की शुरुआत की.

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Image caption भारत की ओलंपिक टीम उन 204 टीमों में शामिल थी जिन्होंने मार्चपास्ट में हिस्सा लिया - ध्वजवाहक थे सुशील कुमार.

फिर कार्यक्रम शुरू हुआ और स्टेडियम में रोशनी हुई तो एक प्राचीन ब्रितानी गांव और उसमें काम करते ग्रामीण लोग दिखाई दिए.

ऐतिहासिक विकास की झांकियों के जरिए औद्योगिक क्रांति के बाद के ब्रिटेन में आए बदलावों को दिखाने की कोशिश की गई.

महारानी और 'जेम्स बॉन्ड'

कार्यक्रम के दौरान कई छोटी फिल्में दिखाई गईं जिनमें से एक में ब्रिटेन की महारानी ने 'जेम्स बॉन्ड' के साथ अभिनय किया.

फिल्म में 'जेम्स बॉन्ड' का किरदार निभाने वाले अभिनेता डेनियल क्रेग ही ब्रिटेन की महारानी को स्टेडियम में लेकर आते हैं. जहां परंपरा के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के प्रमुख जाक रोखे ने उनका स्वागत किया.

कार्यक्रम में ब्रिटेन की दो बड़ी उपल्बिधियों को दिखाया गया - राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना 'नैश्नल हेल्थ स्कीम' और बच्चों का साहित्य.

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Image caption उद्धाटन समारोह में आतिशबाजी की जगमग देखने को मिली.

साथ ही ब्रिटेन में पिछले पांच दशकों में पॉप संगीत के सफर को भी चर्चित कलाकारों के कार्यक्रमों के जरिए दर्शाया गया.

पानी में आग

कार्यक्रम के आखिर में ओलंपिक में भाग लेने वाले देशों का मार्च पास्ट हुआ जिसमें 204 देशों के एथलीटों ने हिस्सा लिया.

इस मार्च पास्ट में भारत की टीम का नेतृत्व किया ध्वज वाहक पहलवान सुशील कुमार ने.

समारोह संपन्न हुआ ओलंपिक मशाल के प्रज्वलित किए जाने से. लेकिन ये एक मशाल नहीं बल्कि दर्जनों मशालों को सामूहिक तौर पर जलाया गया.

उदघाटन समारोह का नाम 'आयल्स ऑफ वंडर' रखा गया था. ये समारोह चर्चित फिल्म स्लमडॉग मिलिनेयर के निर्देशक डैनी बॉयल की देखरेख में हुआ.

कार्यक्रम में सभी सूचनाए अंग्रेजी और फांसिसी भाषा में की गईं क्योंकि ये दोनों ही ओलंपिक खेलों की आधिकारिक भाषाएं हैं.

इससे पहले लंदन में ओलंपिक खेल दो बार (1908 और 1948) आयोजित हो चुके हैं.

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