जिनके सर हो मिसेज़ ओबामा की छांव

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Image caption अपनी जीत पर खुशी दिखाती एरियल हसिंग.

ओलंपिक पदक जीतने के लिए ढेर सारा हौसला चाहिए. हर देश के लोग अपने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा रहे हैं मगर हौसला बढ़ाने वाला कौन है इससे काफ़ी फ़र्क़ पड़ता है.

अमरीकी महिला टेबल टेनिस खिलाड़ी एरियल हसिंग का हौसला बढ़ाने वालों में अमरीका की पहली महिला मिशेल ओबामा शामिल हैं.

दुनिया के दो नामी अरबपति भी हैं - निवेशक वारेन बफ़ेट और माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स.

ये लिस्ट यहीं ख़त्म नहीं होती, उन्हें उत्साहित करने वालों में नामी-गिरामी तैराक माइकल फेल्प्स भी हैं, जो पिछले ओलंपिक खेलों में गोल्ड मेडल जीतने का रिकॉर्ड कायम कर चुके हैं.

जल्दी ही पता चलेगा वारने बफेट को उनके इस निवेश का अच्छा रिटर्न मिला या नहीं.

बेटी ने दिलाया सोना

अगर सारा माँ-बाप की बात मान लेती तो ब्राज़ील को ओलंपिक गोल्ड मेडल नहीं मिलता.

48 किलोग्राम वर्ग में जूडो का स्वर्ण पदक जीतने वाली ब्राज़ील की सारा मेनेज़ेज़ बताया कि किस तरह उनके घर के लोगों ने उन्हें जूडो खिलाड़ी बनने से रोकने की कोशिश की थी.

सारा का कहना है कि उनके माता-पिता उन्हें ऐसे खेल में जाने से रोक रहे थे जो 'पुरुषों का खेल है'.

सारा का कहना है कि जब ओलंपिक के लिए उनका चयन हुआ तब घर के लोगों ने माना कि उनमें प्रतिभा है, अब उनकी प्रतिभा की गवाही देने के लिए सोने का चमचमाता तमग़ा भी है.

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Image caption ऑस्ट्रेलियाई तैराक केट कैम्पबेल.

गर्ल पावर में भरोसा दिलाने के लिए लड़कियों को और क्या करना होगा?

किम जोंग का आशीर्वाद

उत्तर कोरिया के वेटलिफ्टर ओम यून चोल ने पुरुषों के 56 किलोग्राम वज़न वर्ग में नया ओलंपिक रिकॉर्ड कायम किया और सोने का तमग़ा भी अपने नाम कर लिया.

ख़ानदानी शासन वाले उत्तर कोरिया को खेलों में शानदार प्रदर्शन के लिए नहीं जाना जाता मगर ओम ने 168 किलो वज़न उठाकर सबको चौंका दिया है.

उनसे जब उनके शानदार प्रदर्शन का राज़ पूछा गया तो उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि दिवंगत महान नेता किम जोंग इल मुझे आशीर्वाद दे रहे थे."

ओम को लौटकर घर भी तो जाना है.

आरामदेह उड़ान के लिए

ऑस्ट्रेलिया की केट कैम्पबेल ने महिलाओं के 4X100 मीटर फ्रीस्टाइल तैराकी का स्वर्ण पदक जीता है.

उन्होंने पदक जीतने के बाद कहा, "जब मैंने तैरना बंद किया तो पहली बात मेरे दिमाग़ आई कि अब मैं आराम से बिज़नेस क्लास की उड़ान से ऑस्ट्रेलिया वापस जा सकती हूँ."

ऑस्ट्रेलिया ने स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए बिज़नेस क्लास की उड़ान का वादा किया है, लंदन से ऑस्ट्रेलिया की उड़ान काफ़ी लंबी है और इकॉनॉमी क्लास तकलीफ़देह साबित होती है.

केट ने कहा, "मैं जानती हूँ कि यह बात ओछी लग सकती है मगर मेरे दिमाग़ में जो आया वह यही था."

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