ओलंपिक दिन-4 हिट / मिस

  • 31 जुलाई 2012

हिट

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Image caption विष्णु वर्धन के साथ लिएंडर पेस की जोड़ी पर सवाल उठते रहे हैं

तमाम विवादों के बीच भारत के टेनिस स्टार लिएंडर पेस जब विष्णु वर्धन के साथ मैदान पर उतरे, तो उन्हें इसका अंदाजा नहीं था कि जीत इतनी अच्छी होगी.

हालाँकि ये मैच तीन सेट तक गया. लेकिन विष्णु वर्धन के साथ उनकी जोड़ी को लेकर पहले से ही सवाल उठाए जा रहे हैं.

ऐसे में पेस का कम अनुभवी विष्णु वर्धन के साथ मैच जीतना ओलंपिक में उनकी प्रतिबद्धता दिखाता है.

उन्होंने कहा था कि वे विष्णु वर्धन की जितनी मदद हो सकेगी, करेंगे.

वैसे महेश भूपति और रोहन बोपन्ना की जोड़ी भी अपना पहला मैच जीतने में सफल रही.

ओलंपिक में अपने देश के लिए पदक जीतना, वो भी स्वर्ण पदक और देश का पहला स्वर्ण पदक, आप अंदाजा लगा सकते हैं खुशी का.

लिथुआनिया की 15 वर्षीय रूटा मिलुटीटी को जैसे ही इसका अहसास हुआ. उनकी आँखों से खुशी के आँसू निकल पड़े.

100 मीटर की ब्रेस्टस्ट्रोक में उन्होंने अमरीका की रेबेका सोनी को हराकर ये स्वर्णिम सफलता हासिल की.

खुशी से गदगद मिलुटीटी को यकीन नहीं हो रहा था कि उन्होंने सचमुच इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है.

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Image caption बीजिंग भूलाकर साइना नया इतिहास रचना चाहती हैं

भारत की साइना नेहवाल ने एक बार फिर दिखाया कि उन्हें यूँ ही मेडल का दावेदार नहीं माना जा रहा है. अपने दूसरे मैच में जिस बेहतरीन अंदाज में उन्होंने खेल दिखाया, उससे कइयों की नींद हराम हो सकती है.

साइना ने बता दिया कि बीजिंग ओलंपिक में वे भले ही क्वार्टर फाइनल तक ही पहुँच पाईं, लेकिन इस बार वो अपनी ओर से कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहतीं.

साइना की तैयारी इस बार अच्छी है और वे अपनी जीत का क्रम जारी रखना चाहती हैं.

उनके हाव-भाव और खेलने के अंदाज से लग रहा है कि इस बार साइना बीजिंग की यादों को भूलकर नया इतिहास रचना चाहती हैं.

सोमवार का दिन भारतीय बैडमिंटन के लिए काफी शुभ रहा. साइना के बाद ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने भी डबल्स के मैच में जीत हासिल की.

अच्छी शुरुआत के बाद एक बार ऐसा लगा कि दोनों पिछड़ रही हैं.

दूसरा गेम उनके हाथ से निकल भी गया. लेकिन तीसरे और निर्णायक गेम में दोनों ने अच्छे तालमेल का परिचय दिया.

तीसरे गेम में भी अच्छी टक्कर थी, लेकिन सही समय पर अच्छे शॉट लगाकर ज्वाला और पोनप्पा विजयी रहीं.

पुरुषों के 62 किलोग्राम भारोत्तोलन मुकाबले में उत्तर कोरिया के किम उन गुक ने विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता है.

23 वर्षीय किम ने स्नैच में 153 किलोग्राम का वजन उठाकर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की और ओलंपिक रिकॉर्ड तोड़ दिया.

उन्होंने क्लीन और जर्क में उठाए गए वजन की मदद से कुल 327 किलोग्राम का वजन उठाकर नया रिकॉर्ड बनाया.

लंदन ओलंपिक में उत्तर कोरिया अभी तक तीन स्वर्ण जीत चुका है.

मिस

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Image caption अभिवन बिंद्रा 10 मीटर एयर राइफल में फाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाए

दिन की सबसे बड़ी चौंकाने वाली खबर रही अभिवन बिंद्रा का 10 मीटर एयर राइफल में फाइनल के लिए क्वालिफाई न कर पाना.

किसी ने ये नहीं सोचा था कि बीजिंग में स्वर्ण जीतने वाले अभिनव बिंद्रा को फाइनल में भी खेलने का मौका नहीं मिलेगा.

लेकिन क्वालिफाइंग राउंड में उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा.

खासकर आखिरी राउंड में उन्होंने तीन गलत शॉट मारे, फिर तो हार तय ही हो गई थी.

भारतीय हॉकी टीम ने नीदरलैंड्स के खिलाफ मैच में अच्छा खेल दिखाते हुए भी मैच हार गई.

नीदरलैंड्स ने भारत को 3-2 से हराकर अपने विजय अभियान की शुरुआत की.

हमेशा से ही हॉकी टीम को लेकर ये धारणा बनाई गई थी कि ये टीम ओलंपिक में कुछ खास नहीं कर पाएगी.

लेकिन टीम नीदरलैंड्स को हरा पाएगी, ये भी किसी ने नहीं सोचा था. अब भारत को बारी मैचों में जी-जान लगाकर खेलना होगा.

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Image caption विजेंदर सिंह से भारत को पदक की उम्मीद है

भारतीय बॉक्सरों से लंदन ओलंपिक से काफी उम्मीदें जताई जा रही हैं.

लेकिन हालात ये है कि दो महत्वपूर्ण बॉक्सर हार कर बाहर हो गए हैं.

शिव थापा के बाद बारी थी सुमित सांगवान की.

हालाँकि सुमित सांगवान बहुत दुर्भाग्यशाली रहे

वैसे अभी भी भारतीय मुक्केबाजों से उम्मीद बनी हुई है.

ग्रेट ब्रिटेन की टीम को जिम्नास्टिक के टीम फाइनल के बाद रजत पदक देने की घोषणा की गई थी.

लेकिन टीम की खुशी उस समय छिन गई, जब जापान की अपील के बाद ग्रेट ब्रिटेन को कांस्य देने का ऐलान किया गया.

यूक्रेन की टीम को तो और भी बुरा हुआ, क्योंकि उन्हें पदकों की दौड़ से बाहर होना पड़ा.

जापान की टीम चौथे स्थान पर थी, लेकिन अपील के बाद उसे दूसरे नंबर पर जगह लेनी पड़ी.

तीरंदाजी में महिला टीम से काफी उम्मीदें जताई जा रही थी. लेकिन अभी तक इसमें निराशा ही हाथ लगी है.

महिला के टीम इवेंट में भारत को हार मिली, इससे पहले पुरुष टीम इवेंट में भारत को कुछ भी हाथ नहीं लगा.

एकल मुकाबले में बोम्बेला देवी भी हार कर बाहर हो गई हैं. पुरुष निशानेबाजों से ज्यादा उम्मीद नहीं की जा रही है.

ले-दे के दीपिका कुमारी से ही कुछ उम्मीदें हैं.

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