क्वार्टर फ़ाइनल पहुँचने पर कश्यप ने कहा, श्रेष्ठ अभी बाकी

  • 1 अगस्त 2012
कश्यप इमेज कॉपीरइट Getty
Image caption पी कश्यप के लिए क्वार्टर फाइनल में मुकाबला काफी कड़ा होगा

बुधवार को पारुपल्ली कश्यप श्रीलंका के बैडमिंटन स्टार निकुला करुणारत्ने को हरा कर ओलंपिक के पुरुषों के सिंग्लस मुकाबले के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय हो गए.

जीत के बाद कश्यप ने कहा कि वह अगले मुकाबले में अपना सौ फीसदी प्रदर्शन देंगे.

हालांकि आज ही पदक की सबसे बड़ी दावेदार तीरंदाज दीपिका कुमारी से पदक की सारी उम्मीदें खत्म हो गईं.

दीपिका ने कहा, " हम अपनी हार पर किसी तरह का बहाना नहीं बनाएंगे. लेकिन इतना जरुर है कि यहां पर परिस्थितियां काफी कठिन थीं. हम इसके आदी नहीं थे. इसके अलावा मेरा वर्ल्ड नंबर वन होने का मेरे प्रदर्शन से कोई लेना-देना नहीं है."

बीबीसी से हुई बातचीत में कश्यप ने कहा, “मेरा अगला मुकाबला उच्च वरीयता वाले खिलाड़ी से होने की संभावना है. यह काफी कड़ा होने वाला है. लेकिन मैं इसके लिए पूरी तरह से तैयार हूं. मैं अपना सौ फीसदी प्रदर्शन इस मैच के लिए दूंगा. ”

कश्यप ने करुणारत्ने के खिलाफ अपना मैच 21-14,15-21 और 21-9 से जीता.

इससे पहले 1992 बार्सेलोना ओलंपिक में दीपांकर भट्टाचार्य तीसरे दौर तक पहुंचे थे.

इस मैच के बारे में कश्यप ने कहा, “पहले सेट में काफी आक्रामक खेला था. दूसरे में मैने रैली बनाने की कोशिश की लेकिन करुणारत्ने ने काफी अच्छा खेला. इस पर मुझ पर दबाव आ गया था लेकिन मैंने खुद को संभाल लिया.”

लंदन ओलंपिक में जाने से पहले कश्यप का नाम पदक जीतने की संभावना रखने वाले खिलाड़ियों की सूची में नहीं था.

इस बारे में पूछे जाने पर कश्यप ने कहा, “मै अंडर डॉग था. इसलिए मुझ पर किसी तरह का दबाव नहीं था. ”

क्वार्टर फ़ाइनल में कश्यप का मुकाबला किसी चोटी के खिलाड़ी के विरुद्ध हो सकता है.

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार