ओलंपिक: साइना सेमीफ़ाइनल में, सानिया क्वार्टर में

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बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल ने गुरुवार को लंदन में इतिहास बनाते हुए महिला एकल मुकाबलों के सेमीफाइनल में जगह बना ली है. जबकि टेनिस में सानिया मिर्जा ने लिएंडर पेस के साथ खेलते हुए मिश्रित युगल के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई है.

बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल ने गुरुवार को लंदन में इतिहास बनाते हुए महिला एकल मुकाबलों के सेमीफाइनल में जगह बना ली है.

साइना नेहवाल ओलंपिक की बैडमिंटन प्रतिस्पर्धा के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी है.

साइना नेहवाल ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में डेनमार्क की टी बॉन को 21-15, 22-20 से हरा दिया.

जीत के बाद बीबीसी संवाददाता पंकज प्रियदर्शी के साथ बातचीत करते हुए साइना ने कहा,"मैं इस जीत से खुश हूं, मेरा अगला मुकाबला नम्बर एक खिलाड़ी से हैं जो कि मुश्किल होगा, लेकिन मैं उसके लिए तैयार हूं."

दूसरे गेम में पिछड़ने के बाद वापसी करने के बारे में साइना ने कहा, "ये मुकाबला काफी मुश्किल था. मेरी विरोधी की लम्बाई ज़्यादा थी और वो अपनी लम्बाई का फायदा उठा रही थी. अच्छा हुआ कि मैं अंत में तीन अंक हासिल करने में कामयाब रही और मैच जीत गई."

साइना को पहला गेम 21-15 से अपने नाम करने में कोई खास परेशानी नहीं हुई, लेकिन दूसरे गेम में साइना को मुकाबले में बने रहने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी.

साइना दूसरे गेम की शरुआत में 10-7 से पिछड रहीं थी लेकिन उसके बाद साइना ने लगातार 6 अंक जुटाए. इसके बाद फिर डेनमार्क की खिला़ड़ी ने बढ़त हासिल कर ली.

साइना दूसरे गेम में एक वक्त 20-18 से पिछड़ रही थी और विरोधी खिलाड़ी टी बॉन गेम प्वांइट पर थी. साइना ने शानदार वापसी की और लगातार तीन अंक हासिल कर 22-20 से दूसरा गेम और मैच अपने नाम कर लिया.

साइना नेहवाल इससे पहले बीजिंग ओंलपिक के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने में कामयाब रही थी.

सानिया-पेस की जीत

वहीं टेनिस की मिश्रित युगल स्पर्धा में भारत के लिएंडर पेस और सानिया मिर्ज़ा की जोड़ी ने पहली जीत दर्ज करते हुए ओलंपिक क्वार्रफ़ाइनल में जगह बना ली है

सानिया-पेस की जोड़ी ने ऐना वानोविच और नेनाद जिमोनजिच की जोड़ी को 6-4,6-2 से मात दी.

कश्यप बाहर

पुरुष एकल मुकाबलों में सबको चौंकाते हुए क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने वाले पारुपल्ली कश्यप अपना सफर आगे नहीं बढ़ पाए.

क्वार्टरफ़ाइनल में पी कश्यप को नम्बर एक वरीय मलेशिया के चौंग ली के हाथों हार झेलनी पड़ी.

कश्यप और चौंग ली के बीच पहल गेम कांटेदार रहा और दोनों खिलाड़ियों को एक एक अंक के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा और चौंग ली ने कश्यप को पहले गेम में 21-19 से हराया.

जबकी दूसरे गेम में चौंग ली के खेल का पारूपल्ली कश्यप का कोई जवाब नहीं था.

दूसरा गेम चौंग ली ने 21-11 से मात दी.

इससे पहले पी कश्यप ने श्रीलंका के बैडमिंटन स्टार निकुला करुणारत्ने को हरा कर ओलंपिक के पुरुषों के सिंग्लस मुकाबले के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी.

ऐसा करने वाले वो भारत के पहले पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी थे.

इससे पहले 1992 बार्सेलोना ओलंपिक में दीपांकर भट्टाचार्य तीसरे दौर तक पहुंचे थे.

दिन की ख़राब शुरुआत

गरुवार को भारत की शुरुआत ख़ास नहीं रही. डबल ट्रैप शूटिंग में भारत की पदक की उम्मीद धराशाई हो गई जब रौजंन सिंह सोढ़ी इस मुक़ाबले के फ़ाइनल के लिए क्वालिफ़ाई नहीं कर पाए.

क्वालिफ़ाइंग राउंड में रौंजन सिंह सौढ़ी 134 अंको के साथ 11वें स्थान पर रहे.

25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल में निशानेबाज़ विजय कुमार ने दूसरे दौर के लिए क्वालिफ़ाइ करने में कामयाब रहे.

विजय कुमार ने 293 अंको के साथ क्वालिफाइंग दौर में पांचवे स्थान पर रहे. अब विजय दूसरे दौर का मुकाबला शुक्रवार को खेलेंगे.

बॉक्सिंग में में भी 60 किलोग्राम वर्ग में भारतीय मुक्केबाज़ जय भगवान क़ज़ाकिस्तान के गानी झाएलोव के हाथों 16 के मुकाबले आठ के स्कोर से हारकर बाहर हो गए.