भारी खिलाड़ियों को हल्के खाने से शिकायत

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Image caption लंदन 2012 के मेहमान अक्सर ये शिकायत करते सुने जा रहे हैं कि उन्हें अच्छा खाना नहीं मिल रहा.

स्विस खिलाड़ी रॉजर फ़ेडरर और ब्रिटेन के एंडी मरे एक बार फिर फ़ाइनल में भिड़ रहे हैं, पिछले महीने उनकी टक्कर विंबलडन के फ़ाइनल में हुई थी जिसमें फे़डरर जीत गए थे.

जब बीबीसी ने रॉजर फ़ेडरर से पूछा कि विंबलडन फ़ाइनल और ओलंपिक फ़ाइनल में क्या फ़र्क़ होगा जबकि टेनिस कोर्ट वही है, तो फ़ेडरर ने कहा कि "माहौल अपने घर जैसा होगा".

इसके बाद उन्होंने कहा कि विंबलडन में बच्चों को लाने की अनुमति नहीं है मगर "ओलंपिक में मैंने सुना है कि अक्सर बच्चों के रोने की आवाज़ आती रहती है, इस मामले मैं बेहतर स्थिति में हूँ".

रॉजर फ़ेडरर दो बेटियों के पिता हैं, उन्हें घर में बच्चों का शोर सुनने की आदत है जबकि एंडी मरे लंबे समय से शादी करने से इनकार कर रहे हैं.

एंडी की गर्लफ्रेंड किम सियर्स पिछले कई वर्षों से उनके 'हाँ' कहने का इंतज़ार कर रही हैं.

जूडो और जापान

एक स्वर्ण, तीन रजत और तीन कांस्य पदक जीतने के बाद जापानी खिलाड़ी उदास हैं.

यह उनकी टीम का जूडो में अब तक का सबसे ख़राब प्रदर्शन है.

1964 में जूडो को ओलंपिक में शामिल किए जाने के बाद से जापान अब तक 36 स्वर्ण पदक जीत चुका है.

जूडो को जन्म देने वाले देश की पीड़ा साफ़ दिख रही है जब रूस और ब्रिटेन के खिलाड़ी उन्हें लंगड़ी लगा रहे हैं.

जापानी जूडो टीम के कोच ने कहा है, "ये एक गंभीर स्थिति है और हमें इसकी तह तक जाकर सब कुछ ठीक करना होगा."

हल्का खाना, भारी वज़न

लंदन 2012 के मेहमान अक्सर ये शिकायत करते सुने जा रहे हैं कि उन्हें अच्छा खाना नहीं मिल रहा, कई लोगों का कहना है कि जो खाना मिल रहा है वह स्नैक्स हैं, भरपेट भोजन नहीं.

मगर पुरुषों के 85 किलोग्राम वर्ग के स्वर्ण पदक विजेता एड्रिएन ज़िलेंस्की का कहना है कि उनकी जीत का राज़ है-हल्का खाना. उनकी ये बात पूरी तरह सही है.

हुआ ये कि ज़िलेंस्की और उनके प्रतिद्वंद्वी रूस के आप्ती अकखुदाव ने एक बराबर वज़न उठाया. जब मुक़ाबला बराबर रहा तो फ़ैसला भारोत्तोलकों के वज़न के हिसाब से करने का फ़ैसला हुआ.

ज़िलेंस्की का वज़न अकखुदाव से 130 ग्राम कम पाया गया.

ज़िलेंस्की लंच में अगर 150-200 ग्राम अधिक खा गए होते तो उनका स्वर्ण पदक उनके हाथ से निकल जाता.

सबसे धीमे धावक

लंदन ओलंपिक के सबसे तेज़ धावक का फ़ैसला होने में अभी समय लगेगा मगर सबसे धीमे धावक के मामले में कोई मुक़ाबला नहीं है.

मार्शल आइलैंड के 25 वर्षीय धावक टिमी ग्रैसटैंग 100 मीटर के क्वालीफाइंग राउंड में बाक़ी धावकों से करीब 20 मीटर पीछे थे.

मज़ेदार बात ये है कि यह उनका अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है.

100 मीटर की दूरी तय करने में उन्हें 12.81 सेकंड लगे जबकि ओलंपिक खेलों में ज़्यादतर महिला एथलीट भी उनसे तेज़ दौड़ती हैं.

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