अगला निशाना रजत है, फिर गोल्ड: मैरी कॉम

इमेज कॉपीरइट PTI

लंदन ओलंपिक की महिला मुक्केबाज़ी प्रतिस्पर्धा में भारत के लिए कांस्य पदक सुनिश्चित करने के बाद एमसी मैरीकॉम का कहना है कि अब उनका अगला निशाना रजत पदक हैं और फिर वो सोने का पदक पाने की कोशिश करेंगी.

क्वार्टर फ़ाइनल मुकाबले में जीत हासिल करने के बाद एमसी मैरीकॉम ने बीबीसी से खास बातचीत में कहा, “मुझे खुशी है कि मैं देश के लिए पदक जीत पाई. मेरी कोशिश है कि मैं पहले देश के लिए रजत पदक सुनिश्चित करुं,उसके बाद मैं स्वर्ण पदक के बारे में सोचूँगी. मैं एक समय में एक ही मुकाबले पर ध्यान देना चाहती हूं.”

क्वार्टर फ़ाइनल मैच में मैरीकॉम ने ट्यूनिशिया की मरुवा रहाली को 15 के मुकाबले छह अंकों से मात दी.

दो-दो मिनट के चार राउंड खेले गए जिसके पहले राउंड में दोनों ही खिलाड़ियो ने संभल कर शुरुआत की. इस चक्र को मैरीकॉम 2-1 के अंतर से जीतने में कामयाब रही.

दूसरे राउंड में भी मैरीकॉम ने अपनी बढ़त बनाई रखी और 3-2 से इसे जीता. लेकिन तीसरे राउंड में मैरीकॉम ने जमकर मुक्के बरसाए और 6-1 से ये राउंड अपने नाम किया.

आखिरी राउंड में मैरीकॉम ने रहाली को 4-1 से हराया और अंतिम चार में पंहुच गई.

इस मुकाबले के बारे में मैरीकॉम कहती हैं, “आज का मुकाबला पहले मुकाबले से आसान था. आज तो मैं मुकाबले के बाद थकी भी नहीं हूं. पहले दो राउंड में मैंने विरोधी के खेलने के तरीके को देखा और फिर अपने हमले शुरु किए.”

जब मैरीकॉम ये मुकाबला खेल रही थी तो दर्शक दीर्घा में उनके पति और उनकी मां मौजूद थी.

मैरीकॉम ने इस मौके पर कहा कि बिना परिवार की मदद के वो ऐसा नहीं कर पाती, “मेरे परिवार ने इस दिन के लिए बहुत मेहनत की हैं खासकर मेरी मां का बहुत योगदान रहा है. शादी के बाद मेरे पति ने मेरा साथ दिया. अगर वो साथ ना होते तो ये ना हो पाता.”

एमसी मैरीकॉम ने कहा कि उन्हें खुशी हैं कि वो देश के लिए पदक जीत पाई और इसके उन्होंने देश के लोगों की दुवाओं के लिए धन्यवाद भी किया.

मैरीकॉम ने वादा किया कि वो अगले मुकाबले में अपना 100 प्रतिशत देगी और जीत के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी.

संबंधित समाचार