आम लड़की से आज मैं चैंपियन हो गई: साइना

  • 7 अगस्त 2012
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लंदन ओलंपिक में भारत के लिए बैडमिंटन में कांस्य पदक जीतने वाली साइना नेहवाल का भारत लौटने पर शानदार स्वागत हुआ है. साइना के चेहरे पर खुशी की चमक साफ देखी जा सकती थी.

हैदराबाद में हुए एक समारोह में साइना, उनके कोच गोपीचंद और उनके पिता को सम्मानित किया गया. साइना नेहवाल ने कहा कि वो अपने पिता से कहकर कर गई थी कि कि इस बार वो बिना पदक के वापस नहीं आएँगी.

पदक जीतने पर साइना का कहना था, "ओलंपिक से पहले मैने कई खिताब जीते , मैं आत्मविश्वास से भरी हुई थी. लेकिन मैने ओलंपिक से पहले मीडिया में आकर कभी नहीं बोला कि मैं पदक जीतूँगी क्योंकि इससे खिलाड़ी पर बहुत ज्यादा दबाव पड़ जाता है. मैने देखा है कि कई खिलाड़ी बोलते हैं कि मैं बहुत अच्छा खेलूंगा और ऐसा हो नहीं पाता है."

साइना ने बताया कि ओलंपिक में सेमीफाइनल में हारने के बाद वो काफी देर तक रोती रही थी और इसे भूल नहीं पा रही थी लेकिन बाद में उन्होंने सोचा कि अब भी कांस्य पदक जीतने का मौका है.

अब मैडल का रंग बदले: साइना के पिता

कांस्य पदक के लिए हुए मैच में साइना की प्रतियोगी घायल होने के कारण मैच से हट गई थी. इस तरह मैच जीतने पर जब साइना से पूछा गया तो उन्होंने कहा, "उस मैच में मुझे खुद पर पूरा विश्वास था. मैं मैच के दौरान देख रही थी कि चीनी खिलाड़ी थक रही थी. जो हुआ दुखद है. मैं खुशकिस्मत थी. जो कुछ भी हुआ उस पर मुझे विश्वास नहीं हो रहा था. अगली बार मैं ओलंपिक में और अच्छे आत्मविश्वास के साथ खेलूँगी."

साइना ने अपनी जीत का श्रेय अपने कोच गोपीचंद और माता-पिता ने दिया.

गोपीचंद ने भी इस मौके पर कई बातें साझा किया. उन्होंने बताया कि पिछले साल साइना खराब फ़ॉर्म से गुजर रही थी और उनका आत्मविश्वास कम हो चुका था.

गोपीचंद ने बताया, "साइना पिछले साल कई मैच हारी थीं. उस समय वो बहुत ज्यादा रोई थी. उसने आकर मुझसे कहा था कि अब नही हो रहा है. उस दिन मैने उससे वादा किया था कि साइना तुम पदक जरूर जीतोगी. उसके लिए मैने खुद को भी ढाला. रात को मैं भी 9.30 सो जाता था ताकि सुबह साढे चार बजे उठ सकूँ. मैं इतना ही कह सकता हूँ कि अगर साइना ये ओलंपिक नहीं जीतती तो मेरा जीवन अधूरा ही रहता. "

इस मौके पर साइना ने पिता ने भी गोपीचंद की भूमिका की तारीफ की और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी वो ओलंपिक पदक जीतेंगी. उन्होंने एक इच्छा और जताई- 'अगली बार साइना के पदक का रंग बदलना चाहिए.'