भारत बाला की कल्पना में रियो ओलंपिक

  • 14 अगस्त 2012
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ब्राज़ील के रियो डे जेनेरियो शहर में आयोजित होने वाले ओलंपिक समारोह का प्रभारी अगर आपको बना दिया जाए तो आप क्या करेंगे?

बीबीसी ने ये सवाल रखा भारत बाला के सामने जिन्होंने वर्ष 2010 में दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों के उदघाटन समारोह का निर्देशन किया था.

भारत बाला कहते हैं, ''दुनिया में कुछ खेल आयोजन वैश्विक हो गए हैं. ओलंपिक उदघाटन समारोह का डिजाइन उस देश के बारे में भी बहुत कुछ कहता है. ये उस देश के लिए सम्मान का विषय होता है क्योंकि दुनिया भर में लोग इसे टीवी पर लाइव देखते हैं.''

गणपति भारत तमिल फिल्मों के जानेमाने निर्माता-निर्देशक और पटकथा लेखक हैं जिन्हें आमतौर पर भारत बाला के नाम से जाना जाता है. उनके निर्देशन में बने 'वंदे मातरम' और 'जन-गण-मण' वीडियो को बहुत सराहा गया था.

वे कहते हैं, ''बीजिंग में जैसे चीन ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन और उसमें अपनी तकनीक का प्रयोग किया, वैसे ही राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने भारतीय संस्कृति को दिखाने की कोशिश की थी जिसमें तकनीक का काफी इस्तेमाल किया गया था.''

तकनीक और संस्कृति का मेल

Image caption भारत बाला कहते हैं कि रियो ओलंपिक की थीम तैयार करने के लिए ब्राजील की संस्कृति को समझना जरूरी है

भारत बाला का विचार है कि रियो के लिए अगले चार वर्षों में आधुनिक तकनीक से लैस होना ज़रुरी होगा क्योंकि तकनीक और संस्कृति का मेल कराना ज़रुरी है.

लंदन ओलंपिक के बारे में आप क्या सोचते हैं, ये पूछे जाने पर वे कहते हैं, ''डैनी बॉयल निर्देशन के मामले में गुरु हैं. मुझे उनसे उम्मीद थी और लंदन में कुछ चीज़ें बेहतरीन रही. हां ये बात ज़रूर है कि कुछ प्रदर्शन बेहद स्थानीय थे जो मुझे पसंद नहीं आए.''

वे कहते हैं, ''ब्रितानी हास्य मुझे समझ में ही नहीं आया. समारोह में ब्रितानी संस्कृति ठीक से उभर कर सामने नहीं आ पाई लेकिन तकनीक का अदभुत इस्तेमाल किया गया.''

समापन समारोह में कैसा मूड होना चाहिए, इस सवाल के जबाव में वे कहते हैं कि समापन समारोह खुशी के मूड वाला होता है, समापन में उत्सव के अलावा और कोई माहौल बना ही नहीं सकते. समापन समारोह कोई शो नहीं होता. वो बस खुशी का एक मौका होता है.

प्राचीन देश लेकिन आधुनिक नज़रिया

रियो 2016 के लिए आपकी क्या योजना होगी, इस पर वे कहते हैं, ''मैं ब्राज़ील को एक विदेशी की हैसियत से जानता हूं. मेरा मानना है कि जो ब्राज़ील को जानता है, उसे ही उदघाटन समारोह का खाका तैयार करना चाहिए. मैं ब्राज़ील के बारे में इतना ही जानता हूं कि ब्राजील की संस्कृति अभूतपूर्व है, वहां अमेज़न नदी है. मेरी दृष्टि में अमेज़न को वो कैसे उभार पाते हैं, ये सबसे बड़ी बात होगी.''

ब्राज़ील यदि मदद मांगे तो आप क्या करेंगे, ये पूछे जाने पर वे कहते हैं, ''मैं पहले ब्राज़ील की संस्कृति के बारे में पढ़ूंगा और उसे समझूंगा. फिर देखूंगा कि क्या कर सकता हूं. ब्राज़ील का रियो कार्निवल बहुत प्रसिद्ध है. रियो से कुछ अलग उम्मीद ज़रूर करना चाहिए.''

दिल्ली में ओलंपिक खेलों के आयोजन की कल्पना पर भारत बाला कहते हैं कि ये उस समय भारत की दुनिया में स्थिति पर निर्भर करेगा.

वे ये भी कहते हैं कि भारत एक प्राचीन देश है, इतने वर्षों में देश में बड़े बदलाव आए हैं, लेकिन जड़ें वही रहीं हैं. मेरी थीम कुछ इस तरह होगी- प्राचीन देश लेकिन आधुनिक नज़रिया

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