सचिन की दी टिप्स काम आईं: उन्मुक्त चंद

 मंगलवार, 28 अगस्त, 2012 को 18:42 IST तक के समाचार
उन्मुक्त चंद

अंडर 19 क्रिकेट विश्व कप विजेता भारतीय टीम को टूर्नामेंट शुरू होने से पहले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने जो टिप्स दिए थे वो टीम के काफी काम आए. टीम के कप्तान और फाइनल मैच के हीरो उन्मुक्त चंद ने मीडिया से ये बात कही है.

मुंबई में पत्रकारों से मुखातिब उन्मुक्त ने कहा, "ऑस्ट्रेलिया रवाना होने से पहले सचिन तेंदुलकर ने हमारे साथ आधा घंटा बिताया. उन्होंने हमें सिखाया कि ऑस्ट्रेलिया की उछाल भरी पिच में अपने आपको कैसे एडजस्ट करना है. अंडर 19 लेवल पर हमें क्या समस्या आ सकती है ये उन्होंने बताया. उनके साथ बिताया गया ये सत्र हमारे लिए काफी मददगार साबित हुआ."

ऑस्ट्रेलिया में हुआ ये विश्व कप जीतने के बाद भारतीय टीम मंगलवार को मुंबई पहुंची. एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया.

उन्मुक्त ने कहा कि फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को ऑस्ट्रेलिया में ही हराना पूरी टीम के लिए काफी गौरवपूर्ण क्षण था.

"ऑस्ट्रेलिया रवाना होने से पहले सचिन तेंदुलकर ने हमारे साथ आधा घंटा बिताया. उन्होंने हमें सिखाया कि ऑस्ट्रेलिया की उछाल भरी पिच में अपने आपको कैसे एडजस्ट करना है. अंडर 19 लेवल पर हमें क्या समस्या आ सकती है ये उन्होंने बताया. उनके साथ बिताया गया ये सत्र हमारे लिए काफी मददगार साबित हुआ."

उन्मुक्त चंद, कप्तान, भारतीय अंडर 19 क्रिकेट टीम

आगे की योजना के बारे में पूछे जाने पर उन्मुक्त ने कहा, "अभी तो हम विश्व कप जीते हैं. पूरी टीम के साथ जश्न मनाने का वक्त है. फिर मैं इंडिया ए के लिए भी चुना गया हूं, तो उसी पर मेरा फोकस है."

जिम्मेदारी निभाने की खुशी

उन्मुक्त ने ये भी कहा कि सीनियर टीम के लिए खेलना उनका सपना है लेकिन वो एक बार में एक ही टूर्नामेंट के बारे में सोचते हैं.

उन्मुक्त के मुताबिक, "मैं फाइनल में अपनी जिम्मेदारी अच्छी तरह से निभाना चाहता था. मुझे बेहद खुशी है कि मैं अपने रोल को टीक तरह से निभा पाया और भारत को जीत दिलाने में अहम योदगान दे पाया."

फाइनल में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 6 विकेट से हराया था और कप्तान उन्मुक्त चंद ने शानदार शतक बनाया था.

टूर्नामेंट में भारत की शुरुआत अच्छी नहीं थी और वो अपना पहला मैच वेस्ट इंडीज के खिलाफ हार गया था. लेकिन उसके बाद चीम ने जबरदस्त वापसी की.

उन्मुक्त के शब्दों में, "हमें शुरुआत से ही पूरा यकीन था कि हम ट्रॉफी जीत सकते हैं. पूरी टीम का ये विश्वास हमारे काम आया. इसलिए हम खराब शुरुआत से उबरे और हमारे यकीन ने हमें जीत दिलाई."

उन्मुक्त ने ये भी बताया कि वचपन से ही उन्हें डायरी लिखने की आदत है.

उन्होंने कहा, "डायरी में बातें नोट करना मेरे लिए बहुत असरदार साबित होता है. इससे महत्तवपूर्ण बातें जेहन में रखने में आसानी होती है."

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