भज्जी की शानदार वापसी, भारत सुपर आठ में

Image caption हरभजन ने इस मैच में बेहतरीन गेंदबाज़ी की

एक साल से भी ज़्यादा समय के लिए टीम इंडिया से बाहर रहे ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने एक शानदार वापसी की है और धोनी की टीम टी-20 विश्व कप के सुपर आठ चरण में गाजे-बाजे के साथ पहुंच गई है.

इंग्लैंड के खिलाफ रविवार को हुए मैच में भज्जी ने टीम में अपने चयन को आखिरकार दुरुस्त ठहराया और अपने चार ओवर में सिर्फ़ 12 रन देकर चार अहम विकेट गिराए.

इसी के साथ भज्जी ने टी- 20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे बेहतरीन गेंदबाजी करने का रिकॉर्ड भी बना डाला है.

हालांकि भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने मैच के बाद हुई प्रेस वार्ता में भज्जी की सनसनीखेज़ गेंदबाजी को एक तरह से बचाते हुए ये कहा कि उन्होंने इससे पहले अपने करियर में भज्जी को और भी बेहतर गेंदबाजी करते हुए देखा है.

लेकिन साफ़ है कि धोनी अगले चरण में होने वाले कुछ अहम मैचों के पहले बिना वजह की उम्मीदों का पुल नहीं बनाना चाहते.

हालांकि धोनी ने कहा कि भज्जी ने बहुत चतुराई से बेहतरीन गेंदबाजी का प्रदर्शन किया है.

मैच के बाद क्रिकेट क्रिकइन्फो से हुई बातचीत में हरभजन ने कहा, "मैं ऑफ द मैच का ये पुरस्कार मेरी मां को समर्पित है. मैच की दूसरी ही गेंद पर विकेट मिलने से मेरा आत्मविश्वास बढ़ गया था और पिछला एक साल मेरे लिए ख़ासा मुश्किल भरा रहा है."

गाजा-बाजा

बहरहाल कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में टीम इंडिया को रविवार के दिन ज़बरदस्त समर्थन प्राप्त रहा.

हालांकि इंग्लैंड की टीम के तमाम समर्थक 'बार्मी आर्मी' के झंडों और बैनरों के साथ मौजूद थे.

लेकिन जब से भज्जी ने मैदान में अपनी फिरकी का जादू बिखेरना शुरू किया तब से उनकी हर गेंद पर दर्शक लगभग खड़े होते हो जाते थे और बिगुल बजाने लगते थे. हरभजन सिंह ने शायद अपने करियर की एक बेहतरीन गेंदबाजी का प्रदर्शन दिखाया और इंग्लैंड के बल्लेबाजों की स्पिन खेलने की कमजोरी पर ज़बरदस्त हमला किया.

भज्जी का बखूबी साथ निभाया स्पिनर पियूष चावला ने.

दूसरे छोर से गेंदबाजी करते हुए पियूष ने भी दो विकेट झटके और इंग्लैंड के बल्लेबाजों के सामने अपना विकेट गिफ्ट में दे देने के अलावा कोई दूसरा चारा भी नहीं छोड़ा.

अब जबकि भारत सुपर आठ में पहुँच गया है, तब टीम के मनोबल के लिए इस तरह से इंग्लैंड को रौंद के अंतिम आठ में जगह बनाने से बेहतर कोई नतीजा नहीं हो सकता था.

हालांकि कप्तान धोनी के सामने अब कई विकल्प बन कर उभर आए हैं लेकिन भज्जी ख़ासतौर से जिस फॉर्म में लगे, उसे देखते हुए अभी प्रतियोगिता में उनसे और कई कारनामों की उम्मीद बाँधी जा सकती है.

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