भारत के दौरे पर इंग्लैंड की चुनौतियां

एलेस्टेयर कुक

भारत का सामना अगले महीने से घरेलू दौरे पर इंग्लैंड से होगा. लेकिन चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला के लिए चुनी गई इंग्लैंड की टीम के बारे में कई सवाल उठाए जा रहे हैं.

ये दौरा एंड्रयू स्ट्रॉस के रिटायर होने के बाद चुने गए नए कप्तान एलेस्टेयर कुक के लिए पहली चुनौती होगा. साथ ही जो रूट औऱ निक कॉम्टन के अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरूआत भी हो सकती है.

इन टेस्ट मैचों में केविन पीटरसन के बिना भारत आ रही टीम के मिडल ऑर्डर की भी परीक्षा होगी.

सर्दियों में भारत और इंग्लैंड चार टेस्ट मैच, पांच एक दिवसीय मैच और दो ट्वेंटी20 मैच खेलेंगे. पहला टेस्ट मैच 15 नवंबर को शुरू होगा.

बीबीसी स्पोर्ट ने इंग्लैंड के कुछ नामी-गिरामी खिलाड़ियों से बात कर टीम को भारत में मिलने वाली चुनौतियों के बारे में पूछा.

कप्तानी का मुद्दा

Image caption एंडरसन को नए कप्तान से उम्मीदें

जेम्म एंडरसन: सबसे अहम बात ये होगी कि कप्तान को टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों को साथ लेकर चलना होगा क्योंकि टीम के भीतर भी कई लीडर्स की ज़रुरत होती है और इस समय हमारी टीम में ऐसे कई खिलाड़ी हैं जो इस रोल का अदा कर सकते हैं.

हमारे पास पांच से छह खिलाड़ी ऐसे हैं जो अरसे से खेल रहे हैं और वे नए कप्तान की सहायता कर सकते हैं.

कुक ने वनडे टीम के साथ अच्छा काम किया है और अब हम दुनिया की नंबर एक वनडे टीम हैं.

नए खिलाड़ी

Image caption स्ट्रॉस के बाद कुक बने हैं कप्तान

एंड्रयू स्ट्रॉस: भारत का दौरा बड़ा मुश्किल होता है लेकिन ये दौरा कई अवसर लेकर आता है.

बहुत से लोगों को भारत के जीतने की उम्मीद है लेकिन इंग्लैंड इस दौरे पर चौंका सकता है.

मैं इस दौरे के लिए चुने गए निक कॉम्टन को अच्छी तरह से जानता हूं. मैं मिडलसेक्स की टीम में उनके साथ खेला हूं. वे हमेशा क्रिकेट के प्रति समर्पित हैं और इस सीज़न में बढ़िया खेल रहे हैं.

मुझे जो रूट के बारे में अधिक मालूम नहीं है. लेकिन मुझे अब भी एलेस्टेयर कुक के पहले टेस्ट मैच की याद आती है. उन्होंने भारत में पहला टेस्ट मैच खेला था और अब वे बेहतरीन खिलाड़ी हैं.

मुझे यकीन है कि रूट और कॉम्पन इस अवसर का लाभ उठाने के लिए आतुर होंगे ताकि वो क्रिकेट के उच्चतम स्तर पर अपना लोहा मनवा पाएं.

स्पिन गेंदबाज़ी

एशली जाइल्स: आप ये तो नहीं कह सकते कि भारत के दौरे पर क्या होगा लेकिन इंग्लैंड के पास अच्छे विकल्प हैं.

समित पटेल की मौजदूगी ने कोच एंडी फ़्लॉवर और कप्तान कुक को मध्यम क्रम में अच्छे विकल्प मुहैया करवा दिया हैं क्योंकि वे स्पिन भी करते हैं.

वैसे मॉन्टी पानेसर इंग्लैंड के दूसरे सबसे बेहतरीन स्पिन गेंदबाज़ हैं. और ग्रैम स्वान तो हमारे नंबर एक स्पिनर हैं ही.

विकेट चाहे जैसी भी हो हमें अपने स्पिन आक्रमण से परिस्थितियों पर खरे उतरने की उम्मीद रखनी चाहिए.

मध्यम क्रम

Image caption फिल टफ़नेल की स्पिनरों से उम्मीद

फ़िल टफ़नेल: इयेन बेल को मध्यम क्रम का नेतृत्व करना होगा. वे इंग्लैंड की टीम में एक गोंद की तरह हैं. वैसे भारत में कईयों की कलई खुल सकती है.

हालात को काबू में और शांत रखने के लिए एक अनुभवी बल्लेबाज़ की ज़रुरत होगी.

साथ ही ड्रेसिंग रूम में भी ऐसे खिलाड़ी होने चाहिए जिन्हें देखकर टीम थोड़ी राहत महसूस करे.

टीम भारत के दौरे पर केविन पीटरसन के बारे में नहीं सोच रही होगी.

स्ट्रॉस की कप्तानी में इंग्लैंड की टीम थोड़ा रक्षात्मक खेल खेलती थी लेकिन इससे टीम को कोई नुकसान नहीं हुआ. अब ये देखना दिलचस्प होगा कि कुक की अगुवाई में टीम क्या रुख़ अपनाती है.

हो सकता है कि कुक रनों का अंबार लगाने की तुलना में बीस विकेट लेना पसंद करें.

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