एक और भी है टीम इंडिया!

 शुक्रवार, 28 सितंबर, 2012 को 07:56 IST तक के समाचार

महिला क्रिकेट में लोगों की दिलचस्पी उतनी नहीं है जितनी कि पुरुषों की स्पर्धा में

श्रीलंका में इन दिनों टी20 विश्वकप खेला जा रहा है और इसमें पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं की भी प्रतियोगिता चल रही है. लेकिन सच यही है कि लगभग सभी क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान और आकर्षण पुरुषों के मुकाबलों की ओर है.

सबकी नज़र शुक्रवार को धोनी की टीम के मुकाबले पर है और कयास भी लग रहे हैं. क्या है इसकी वजह?

अगर भारत महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिथाली राज की मानें तो महिलाओं का क्रिकेट बहुत कम लोग फॉलो करते हैं और उनके मुताबिक़ महिला क्रिकेट में नामचीन खिलाड़ियों की कमी-सी है.

हालांकि भारत प्रतोयोगिता में ऑस्ट्रेलिया से हुआ अपना पहला मैच बुरी तरह से हार गया लेकिन मिथाली राज ने बीबीसी हिंदी को दिए गए साक्षात्कार का वादा निभाया और एक लंबी बातचीत की.

गॉल के लॉंग बीच होटल में शाम को जब मैं मिथाली से मिलने पहुंचा, तब वे तैराकी के लिए जाने की तैयारी में थीं.

सचिन, राहुल की कमी

मैंने तुरंत मिथाली के लिए सवाल दागा, महिला क्रिकेट में दिलचस्पी कम क्यों है लोगों में? गॉल क्रिकेट स्टेडियम में इतने कम लोग क्यों थे गुरूवार को भारत के मैच में?

मिथाली ने बताया, "दिक्कत ये है कि दर्शकों को महिला क्रिकेट के बारे में अभी जागरूक नहीं कराया जा सका है. अब देखिये न, जो लीग मैच हैं उन्हें टेलीविज़न पर नहीं दिखाया जा रहा है. लोगों को सेमीफ़ाइनल के पहले के मैच भी दिखाने चाहिए जिससे उनकी रूचि बन सके."

लेकिन सवाल ये भी है कि क्या महिला क्रिकेट के सितारों से लोग अभी रूबरू नहीं?

मिथाली ने जवाब दिया, "देखिए इस बात में कोई दोराय नहीं है कि महिला क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ जैसे नामों की कमी है. ज़रूरी है कि महिला क्रिकेट को भी ऐसे नाम मिलें और इस क्रिकेट पर भी लोग तरजीह देना शुरू करें."

दर्शक नदारद

लेकिन सच वही है जो दिखता है! गॉल में महिला टी 20 विश्वकप के सभी लीग मैच होने है और दर्शकों का आलम ये है कि न के बराबर ही पहुँचते हैं इन मैचों का दीदार करने.

गुरूवार को जब इंग्लैंड और पाकिस्तान की टीमें एक दूसरे से भिड़ीं तब भी दर्शकों का अकाल सा था.

उस मैच एक बाद मेरी पाकिस्तान टीम की कप्तान सना मीर से बातचीत हुई तब उन्हें भी इस बात पर हैरानी थी कि श्रीलंका जैसे क्रिकेट प्रेमी देश में भी लोग कम क्यों आ रहे हैं महिला क्रिकेट देखने.

कम से कम मुझे एक ज़बरदस्त झटका तब लगा जब उस मैच के बाद एक आईसीसी अधिकारी ने प्रेस बॉक्स में आकर मीडिया कर्मियों से मुखातिब होकर कहा, " अगर आप लोग मैच के बाद हो रही प्रेस वार्ता में आ जाएं तो बेहतर रहेगा. फिलहाल वहां सिर्फ़ एक पत्रकार मौजूद है."

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