मैच जीतकर भी भारत विश्व कप से बाहर

 मंगलवार, 2 अक्तूबर, 2012 को 23:05 IST तक के समाचार
कप्तान महेंद्र सिंह धोनी

कोलम्बो के प्रेमदासा स्टेडियम में क्लिक करें टी-20 विश्वकप के अहम मुकाबले में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को एक रन हरा दिया है.

लेकिन दोनों ही टीमों का सेमीफाइनल में पहुंचने का सपना भी चकनाचूर हो गया.

इससे पहले, दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाज़ी करने का न्यौता दिया था और भारत ने निर्धारित 20 ओवर में छह विकेट पर 152 रन बनाए थे.

भारत का पहला विकेट गौतम गंभीर की शक्ल में गिरा. वे आठ रन ही बना सके. उन्हें मॉर्केल ने आउट किया.

वीरेंद्र सहवाग भी ज्यादा देर तक विकेट पर नहीं टिक सके और 14 गेंदों पर 17 रन बनाकर आउट हो गए. उनका विकेट पीटरसन ने लिया.

पूरे टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करते रहे विराट कोहली इस मैच में कोई कमाल नहीं दिखा पाए और महज दो रन बनाकर पवेलियन लौट गए.

इसके बाद रोहित शर्मा और युवराज सिंह ने पारी को संभालने की कोशिश की. रोहित ने 25 और युवराज ने 21 रन बनाए.

भारत के लिए सबसे ज्यादा 45 रन सुरेश रैना ने बनाए लेकिन वे खुद को नाबाद नहीं रख सके और अंतिम ओवर में रन आउट गए.

कप्तान महेंद्र सिंह धोनी नाबाद रहे जिन्होंने 13 गेंदों पर 23 रन बनाए.

दक्षिण अफ्रीका की खराब शुरुआत

जहीर खान

ज़हीर ने दक्षिण अफ्रीका को पहला झटका दिया

भारत के 152 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत बहुत खराब हुई और उनका पहला विकेट पहले ओवर की पहली ही गेंद पर गिर गया.

हाशिम अमला जहीर खान की गेंद पर सहवाग को कैच दे बैठे और बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए. पहले ओवर में दक्षिण अफ़्रीका सिर्फ़ दो रन बना सका.

अमला की तरह ज़ाक कालिस भी ज्यादा कुछ नहीं कर सके और आठ गेदों पर छह रन ही बना सके. पठान की गेंद पर रोहित शर्मा ने उनका कैच लपका.

इसके बाद कप्तान एबी डी विलियर्स ने 13 गेंदों पर 13 रन बनाए और सातवे ओवर में युवराज सिंह ने उनके विकेट चटका दिए.

13वें ओवर में दक्षिण अफ्रीका का अगला अहम विकेट भी युवराज सिंह की झोली में गया. उन्होंने डू प्लेसी को सुरैश रैना के हाथों कैच आउट कराया. डू प्लेसी ने 38 गेंदों पर 65 रन बनाए.

दक्षिण अफ्रीका का पांचवा विकेट बालाजी ने चटकाया. उन्होंने जेपी ड्यूमिनी को गौतम गंभीर के हाथों कैच कराया. जेपी ड्यूमिनी ने 23 बालों पर 16 रन बनाए.

16 ओवरों की समाप्ति पर दक्षिण अफ्रीका 113 रन बना चुका था और उसे 23 गेंदों पर 36 रनों की जरूरत थी.

इसके बाद अश्विन ने पीटरसन का विकेट दो बार लिया लेकिन फिर भी वो आउट नहीं हुए क्योंकि पहली गेंद नो बॉल थी और दूसरी फ्री हिट.

इसके बाद जहीर खान ने बहरदीन को 13 के निजी स्कोर पर सुरेश रैना के हाथों कैच आउट कराया. अगली ही गेंद ने उन्होंने पीटरसन

को भी आउट कर दिया. पीटरसन ने 10 रन बनाए.

करीबी मुकाबला

मार्केल

मार्केल छक्का लगाने के बाद विकेट गवां बैठे

इस समय दक्षिण अफ्रीका को 12 गेंदों पर 24 रनों की जरूरत थी और उसके पास तीन विकेट थे.

बोथा ने अश्विन की गेंद पर जोरदार छक्का जड़ा और अगली ही गेंद पर कैच आउट हो गए. उन्होंने पांच गेंदों पर आठ रन बनाए.

दक्षिण अफ्रीका को आखिरी ओवर में 14 रनों की जरूरत थी. आखिरी ओवर बालाजी ने फेंका और उनकी पहली ही गेंद पर जे मार्केल ने छक्का जड़ा.

अब दक्षिण अफ्रीका को जीत के लिए पांच गेंदों पर आठ रनों की जरूरत थी.

लेकिन बालाजी की अगली ही गेंद पर जे मॉर्केल की शक्ल में दक्षिण अफ्रीका का नौंवा विकेट गिर गया. उन्होंने दस रन बनाए.

जे मॉर्केल के बाद बल्लेबाजी करने आए उनके भाई एम मार्केल ने छक्का जड़कर मैच को फिर रोमांचक मोड़ पर ला दिया जहां दक्षिण अफ्रीका को दो गेंदों पर दो रनों की जरूरत थी.

लेकिन अगली ही गेंद पर बालाजी ने उनका विकेट चटका दिया और भारत ने दक्षिण अफ्रीका को एक रन से हरा दिया.

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