आसान है अंपायरों से फ़िक्सिंग कराना: मनिंदर

  • 10 अक्तूबर 2012
क्रिकेट
Image caption एक निजी भारतीय टीवी चैनल ने आरोप लगाया है कि हाल ही में हुए टी20 विश्व कप में छह अंपायर मैच फ़िक्सिंग के लिए तैयार थे.

भारत के एक निजी समाचार चैनल 'इंडिया टीवी' के स्टिंग ऑपरेशन में ये आरोप लगाए गए कि छह अंपायर टी-20 वर्ल्ड कप के मैच 'फ़िक्स' करने को तैयार थे.

इस बात ने सबको हैरान कर दिया और सवाल उठा कि तकनीक के इस दौर में क्या अंपायरों के ज़रिए मैच-फिक्सिंग मुमकिन है.

पूर्व भारतीय स्पिनर मनिंदर सिंह कहते हैं खिलाड़ियों की तुलना में एक अंपायर से ज़्यादा आसानी से मैच फ़िक्सिंग करवाई जा सकती है.

मनिंदर कहते हैं, "जितने भी मैच आप देखें, पांच-छह फैसले ऐसे होते हैं जो किसी भी तरफ जा सकते हैं. तो मेरे ख्याल से अंपायर के पास मौके बहुत होते हैं मैच को फिक्स करने के लिए."

वो आगे कहते हैं, "एक मैच में 11 खिलाड़ियों को देखना पड़ता है लेकिन केवल दो अंपयारों को मैनेज करना अधिक आसान है."

'आईसीसी की चूक'

मनिंदर सिंह की माने तो अंपायर कई तरह से मैच फिक्स कर सकते हैं. वे बताते हैं, "एक तो एलबीडब्लू और नो बाल जैसे फैसले देना आसान है जिससे मैच के नतीजे पर असर पड़ता है. और दूसरा ये कि अंपायर विकेट के पीछे से आउट दे देते हैं. अगर बल्ले से थोड़ी भी आवाज़ निकलती है तो अंपायर की उंगली फ़ौरन उठ जाती है."

भारत के लिए 35 टेस्ट मैच खेलने वाले मनिंदर सिंह ख़ुद भी एक अंपायर हैं. उनके मुताबिक कुछ फैसले इस तरह के होते हैं जो दोनों टीमों के पक्ष में जा सकते हैं. इस तरह के फैसलों के पीछे अंपायर का हाथ हो सकता है.

वो कहते हैं कि खिलाड़ियों के बाद अब सट्टा लगाने वाले बुकीज़ अंपायरों की तरफ झुके हैं. मनिंदर कहते हैं, "बुकीज़, अंपायरों से पिच और टॉस के बारे में और कई दूसरी जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं."

निजी चैनेल इंडिया टीवी ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश के छह अंपायर हाल ही में हुए टी-20 वर्ल्ड कप के मैच फ़िक्स करने को तैयार थे. चैनल ने ये स्टिंग ऑपरेशन सोमवार को प्रसारित किया.

इस आरोप पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद, आईसीसी, ने इन आरोपों की जांच शुरु कर दी है. परिषद ने चैनल से उसके पास मौजूद सबूत भी मांगे हैं ताकि जांच में उनसे मदद मिल सके.

लेकिन एक वक्तव्य में आईसीसी ने कहा, "स्टिंग में जिन अंपायरों का नाम आया है, उनमें से एक भी टी 20 वर्ल्ड कप के आधिकारिक मैचों का हिस्सा नहीं थे."

मनिंदर कहते हैं कि आईसीसी से एक बड़ी चूक हुई है. वो कहते हैं, "हैरानी की बात ये है कि आईसीसी अंदाज़ा भी नहीं लगा सकी कि अंपायर भी मैच फिक्सिंग कर सकते हैं. उनका सारा ध्यान खिलाड़ियों पर था."

"मैं ईमानदारी से कहूं कि जब खिलाड़ी पहली बार पकड़े गए तो हमारे मन में ये बात आई कि अब सट्टा लगाने वालों का ध्यान अंपायर की तरफ जाएगा."

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